उत्तर प्रदेशलखनऊ

राष्ट्रपति मुर्मू ने लखनऊ में किया ‘ध्यान योग’ कार्यक्रम का उद्घाटन, कहा- तकनीकी उन्नति के साथ…

Lucknow Focus News Desk: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को सुल्तानपुर रोड स्थित गुलजार उपवन में ब्रह्मकुमारीज संस्थान द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय ‘विश्व एकता और विश्वास के लिए ध्यान योग’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ मंच पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति का संबोधन: तकनीकी विकास और आत्मिक चेतना

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन की शुरुआत “ओम शांति” कहकर की और ध्यान योग अभियान शुरू करने के लिए ब्रह्मकुमारीज बहनों को धन्यवाद दिया। उन्होंने समाज के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा “मनुष्य ने विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में बेशक खूब तरक्की कर ली है, लेकिन समाज में तकनीकी उन्नति के साथ एकाकीपन, ईर्ष्या, अविश्वास और दुख भी बढ़ा है। इससे बचने के लिए मेडिटेशन एक कारगर उपाय हो सकता है।”

उन्होंने जोर दिया कि केवल भौतिक रूप से आगे बढ़ने के बजाय, हमें स्वयं के भीतर झांकने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मिक चेतना जागृत होने पर ही प्रेम, विश्वास और भाईचारा विकसित होता है। राष्ट्रपति ने नारी सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान के कार्यों की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री और राज्यपाल के विचार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: उन्होंने राष्ट्रपति की मौजूदगी को गौरव का क्षण बताया और राजयोग के माध्यम से पूरे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रचार करने के लिए ब्रह्मकुमारीज संस्थान को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र समाज को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल: उन्होंने राजयोग को सद्गुण की ओर अग्रसर करने वाला साधन बताया और कहा कि मेडिटेशन से तनाव दूर होता है। उन्होंने कहा कि राजयोग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक संपूर्ण सकारात्मक जीवन शैली है, जिससे आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है और मृत्यु का डर भी पीछे छूट जाता है।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

स्वागत: राष्ट्रपति का स्वागत बच्चियों द्वारा मयूर नृत्य प्रस्तुत कर किया गया।

सम्मान: राष्ट्रपति ने ‘दीदियों’ को कलश और ‘भाइयों’ को ध्वजा देकर सम्मानित किया।

कला: छत्तीसगढ़ के रंगोली कलाकार हितेश ने गुलजार दादी और राष्ट्रपति की खूबसूरत रंगोली बनाई।

ध्यान कक्ष: संस्थान के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने बताया कि राष्ट्रपति के लिए एक विशेष कक्ष बनाया गया था, जहाँ उन्होंने कुछ देर ध्यान किया।

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