प्रधानमंत्री मोदी पांच देशों के महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना, अफ्रीकी देश घाना से शुरू हुआ यात्रा सिलसिला

Lucknow Focus News Desk: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को पांच देशों के बहुपक्षीय और द्विपक्षीय दौरे की शुरुआत की। इस यात्रा की शुरुआत घाना से हुई, जहां वह 2 और 3 जुलाई तक रहेंगे। यह यात्रा भारतीय प्रधानमंत्री की तीन दशकों में पहली घाना यात्रा है, जो भारत और घाना के बीच आर्थिक, ऊर्जा, और रक्षा सहयोग को और भी मजबूती देने की उम्मीदों से भरपूर है।
घाना यात्रा का उद्देश्य और प्रमुख बैठकें
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे में घाना के राष्ट्रपति नाना अकुफो-एड्डो के साथ द्विपक्षीय बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और वैश्विक मंचों पर समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। यह यात्रा भारत-अफ्रीका संबंधों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में नई जान आएगी।
त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा: भारतवंशी समुदाय से जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी 3 और 4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा करेंगे, जहां भारतीय समुदाय की एक बड़ी आबादी निवास करती है। इस देश के साथ भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध गहरे हैं। पीएम मोदी का यह दौरा 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा, और यह भारतवंशी समुदाय से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।
अर्जेंटीना में व्यापार और सहयोग की नई दिशा
4 और 5 जुलाई को पीएम मोदी अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में रहेंगे। यहां उनकी यात्रा के दौरान कृषि, रक्षा, खनिज, तेल और गैस जैसे अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर बातचीत होगी। अर्जेंटीना में निवेश और व्यापार को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों की उम्मीद की जा रही है, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और अधिक प्रगति की ओर अग्रसर करेंगे।
ब्राजील में BRICS सम्मेलन और वैश्विक आर्थिक सहयोग
ब्राजील में पीएम मोदी BRICS सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था, डिजिटल समावेशन, सतत विकास और वैश्विक दक्षिण के हितों की रक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए BRICS जैसे मंचों को बेहद महत्वपूर्ण मानता है। हम एक शांतिपूर्ण, समतामूलक, लोकतांत्रिक और संतुलित बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए प्रयासरत हैं।”
नामीबिया में वन्यजीव संरक्षण और ऊर्जा सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा 9 जुलाई को नामीबिया में समाप्त होगा। यहां भारत और नामीबिया के बीच वन्यजीव संरक्षण, ऊर्जा सहयोग और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण वार्ता की जाएगी। नामीबिया के साथ भारत की ‘चीता प्रोजेक्ट’ जैसी परियोजनाएं पहले ही वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोर चुकी हैं, और इन परियोजनाओं के भविष्य को लेकर और अधिक सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
Also Read: पी. वी. एन. माधव बने आंध्र प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष, डी. पुरंदेश्वरी की जगह ली




