उत्तर प्रदेश

Barabanki: पंचायती राज को लेकर हथौन्धा में हुआ जागरूकता संवाद, प्रतिनिधियों को मिले अहम सुझाव

बाराबंकी जिले के विकासखंड बनीकोडर के ग्राम पंचायत हथौन्धा स्थित महाविद्यालय में इंडिया पंचायत फाउंडेशन, पंच परमेश्वर विद्यापीठ, तीसरी सरकार अभियान उत्तर प्रदेश एवं बिरजू संस्थान के तत्वावधान में पंचायती राज अधिनियम पर आधारित शोध कार्य के तहत ग्राम पंचायत लोक़ विमर्श का आयोजन किया गया। लोक विमर्श में ग्राम प्रधान शैल कुमारी सिंह, प्रधान प्रतिनिधि मोहित सिंह, वार्ड सदस्य गुड़िया यादव, सद्गुरु सहित ग्राम सभा के कई सदस्य,अंगद यादव, मनीराम, विजय कुमार सहित ग्राम सभा के कई सदस्य व महिलाएं उपस्थित हुए।

पंचायतों को ‘तीसरी सरकार’ बनाने की पहल

लोक विमर्श में ग्राम पंचायत को सेल्फ गवर्नमेंट के रूप में स्थापित करने तथा पंचायत प्रतिनिधियों को इनके अधिकार व दायित्वों पर चर्चा हुई। तीसरी सरकार अभियान के जोनल कोऑर्डिनेटर रत्नेश कुमार ने बताया कि पंचायती राज अधिनियम में ग्राम पंचायत को तीसरी सरकार या सेल्फ गवर्नमेंट के रूप में संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं, पंचायत प्रतिनिधि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं है, जिस कारण पंचायत प्रतिनिधि इसे सेल्फ गवर्नमेंट के रूप में नहीं स्थापित कर पाए हैं। लोक विमर्श में उपस्थित प्रतिभागियों से पंचायत की गतिविधियां, बैठकों की प्रक्रिया, बैठक का कोरम, सूचना एजेंडा, बैठक कार्यवाही, पंचायत गठन और जीपीडीपी निर्माण जैसे कई विषयों पर खुली चर्चा की गई।

पंचायत बैठक प्रक्रिया पर ग्रामसभा में सवाल

ग्राम सभा सदस्यों ने बताया कि सरकार के निर्देश पर गांव में काम कराए जाते हैं, प्रक्रिया का पालन कैसे हो, क्या प्रक्रिया है यह सब पुस्तकीय बातें हैं, व्यवहार में लाने के लिए कोई जानकारी या प्रशिक्षण नही मिलता है। पंचायत की समितियों का गठन कागज पर होता है, उसकी बैठक भी नही होती है। जीपीडीपी निर्माण की कोई जागरूकता लोगों में नही है।

रत्नेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत की बैठक की प्रक्रिया विशेष बैठक का आयोजन और बैठक का कोरम आदि विषयों की जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को नहीं है, लोक विमर्श इसी विषय को लेकर किया जा रहा है ताकि पंचायत का हर मतदाता पंचायत विकास में सहभागी बन सके। प्रधान प्रतिनिधि मोहित सिंह ने सभी का स्वागत किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। संस्था के कार्यकर्ता राम कैलाश ने लोक विमर्श के आयोजन में मुख्य भूमिका निभाई।

ग्राम पंचायत कैसे काम करती है?

लोक विमर्श में करीब 50 से अधिक ऐसे सवाल एवं उनके सुझाव उपस्थित जनों से लिए गए जिन पर पंचायत के प्रतिनिधियों व मतदाताओं को जानकारी में नहीं थे। ग्राम पंचायत कैसे काम करती है, ग्राम पंचायत बैठकों की कार्यक्रम सूची, ग्राम निधि, ग्राम पंचायत के निर्णयो पर पुनर्विचार, समितियों के अध्यक्ष व सचिव आदि विषयों पर सुझाव लिए गए।

लोक विमर्श में प्रमुख रूप से जागरूक सदस्य रश्मि शुक्ला, देव कुमार, कल्याण, अरविंद बाजपेई, प्रवक्ता उमाकांत शुक्ला, रामानंद,सुमन कुमारी, सीमा कौशल, मोना कौशल, प्रेमा मिश्रा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

विकास की राह में बाधा बना जल जीवन मिशन?

जल जीवन मिशन की कार्यदाई संस्था की मनमानी के चलते ग्राम पंचायत की बैठकों में इस योजना के औचित्य पर ही पंचायत सदस्य सवाल खड़े कर रहे हैं। पंचायती राज अधिनियम पर शोध आधारित ग्राम पंचायत लोक विमर्श में प्रधान सहित सदस्यों व नागरिकों ने जल जीवन मिशन के ठेकेदार की मनमानी करने गांव की सड़कों को खोद कर छोड़ देने जैसे कामों पर जहां आक्रोश व्यक्त किया।

वहीं करोड़ो रुपये से बनाई जा रही पानी की टँकी की उपयोगिता नही होने, सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में धन बर्बाद करने की बात कही गई। ग्राम पंचायत हथौन्धा के प्रधान प्रतिनिधि मोहित सिंह ने कहा कि जो धनराशि सरकार बिना उपयोगिता के जल जीवन मिशन में व्यय कर रही है, वही धनराशि पंचायतों के विकास में खर्च की जाती तो गांव का विकास हो जाता।

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