उत्तराखंड में बारिश का कहर: चमोली में जनजीवन प्रभावित, बदरीनाथ हाईवे बंद, केदारनाथ यात्रा रोकी गई

Lucknow Focus News Desk: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जारी भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे पर मलबा आने से मार्ग बाधित हो गया है, वहीं केदारनाथ यात्रा को भी सुरक्षा कारणों के चलते रोक दिया गया है।
ज्योतिर्मठ क्षेत्र में रात से बिजली गुल है, क्योंकि 66 केवी की विद्युत लाइन में तकनीकी फॉल्ट आ गया है। विभाग की टीमें फॉल्ट ढूंढने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।
स्कूलों में छुट्टी, सड़कें बंद
मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी के मद्देनज़र मुख्य शिक्षा अधिकारी ने चमोली जिले के सभी सरकारी और अर्द्धसरकारी स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया है।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने जानकारी दी कि बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग के पास पर्थाडीप में सुबह मलबा आने से रास्ता करीब एक घंटे तक बंद रहा, जिसे अब खोल दिया गया है। हालांकि उमट्टा में अभी भी मलबा हटाने का कार्य जारी है।
केदारनाथ यात्रा पर निकले यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोका गया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी या खतरा न हो।
प्रदेश भर में 50 से ज्यादा सड़कें बंद
बारिश के बाद उत्तराखंड में दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 50 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं। इससे स्थानीय निवासियों और चारधाम यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून जिले में लखवाड़ बैंड के पास मलबा आने से विकासनगर-कालसी-बड़कोट हाइवे बंद है, साथ ही 3 ग्रामीण सड़कें भी अवरुद्ध हैं। उत्तरकाशी जिले में ऋषिकेश-यमुनोत्री हाइवे औजरी में बंद है, इसके अलावा 1 राज्य मार्ग और 11 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। रुद्रप्रयाग में 3, नैनीताल जिले में काठगोदाम-हैड़ाखान रोड, चमोली में 13, पिथौरागढ़ में 7, बागेश्वर में 4, पौड़ी में 3, और टिहरी में 2 ग्रामीण सड़कों पर आवागमन ठप है।
आपदा में अब तक 21 मौतें, 143 मकानों को नुकसान
1 जून से अब तक राज्य में 21 लोगों की मौत हो चुकी है, 11 लोग घायल हुए हैं और 9 अब भी लापता हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 133 मकानों को आंशिक नुकसान, 8 मकानों को गंभीर नुकसान और 2 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। कुल मिलाकर 143 भवन बारिश और भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं।
सरकार और प्रशासन ने लोगों से की ये अपील
बारिश और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी प्रशासनिक कार्यालय या आपदा राहत टीम से संपर्क करें।
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