याद आता है नए साल पर ग्रीटिंग कार्ड का वो सुनहरा दौर….

रूपम श्रीवास्तव
एक ऐसा दौर भी रहा जब बधाई संदेशों का आदान-प्रदान ग्रीटिंग्स कार्ड के ज़रिए होता था। आज के समय मे तो नए साल की पूर्व संध्या पर ही बधाई संदेशों का आदान -प्रदान शुरू हो जाता है। तकनीकी के क्षेत्र में नई क्रांति के कारण आज सभी व्हाट्स एप्प यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी हैं । सभी उसमे मगन भी हैं। समय के साथ सभी चीज़ों में परिवर्तन शोध के रास्ते खोलता है और ये ज़रूरी भी है।
हम जब विद्यार्थी थे तब ग्रीटिंग्स कार्ड के ज़रिए बधाई संदेश लिए और दिए जाते थे। साल भर नए साल की पहली जनवरी का इंतज़ार रहता कि नए ग्रीटिंग कार्ड खरीदकर या बनाकर देने का मज़ा ही कुछ और था। आज भी आर्चीज़ गैलरी ,अमीनाबाद के शिवा जी बुक डिपो, हज़रतगंज का कलाकुंज मेरी पसंदीदा जगहों में से एक है। सामने से गुजरते हुए मन्ज़िल पर पहुँचने से पहले ये दुकानें मेरी राह रोकती हैं ।
मनपसंद कार्ड न मिलने पर अपने हाथों से बना कर बेहद सुंदर संदेश लिखकर देने के शौकीन रहे हैं हम। मेरा ये शौक आज भी बच्चों को प्रेरित करता है ,वे हमें जन्मदिन और मदर्स डे पर कार्ड बनाकर बढ़िया सन्देश लिखकर ही बधाई देते हैं।
तीस बरस पहले दोस्तों के दिये हुए नववर्ष ,जन्मदिन के कार्ड आज भी मेरे पास सुरक्षित हैं। आज भी खोलो तो नए लगते हैं। उनमें मेरे लिए कीमती हृदयस्पर्शी संदेश जो लिखे हुए हैं।
कहने का तात्पर्य है अनकही बातों, हृदय के उद्गारों को एक दूसरे को परस्पर आपस मे पहुँचाने का कार्य ये ग्रीटिंग्स कार्ड करते हैं। कार्ड पर लिखे हुए संदेश पढ़ते समय आँखों के रास्ते दिल मे उतरते हैं । अपनी लेखनी से लिखे मैटर,पाने वाले के लिए बहुत मैटर करते हैं। हमने स्वयं ही बहुत बार चित्रात्मक, कलात्मक ग्रीटिंग्स कार्ड बनाना शुरू कर दिया। चित्रों के ज़रिए संदेश बयां करने का अपना अलग ही मज़ा है। जो कही न गयी तुमसे वो ये कार्ड कह रहा है। क्योंकि दोस्ती भी किसी मोहब्बत से कम नहीं होती। बात- बात पर रूठने मनाने की वो अल्हड़ आदते और शरारतें दो मिनट में ये कार्ड दूर कर देता जीवन की मधुर यादें समेटे ये कार्ड मेरी अनमोल धरोहर हैं। इसमें रुचि रखने वाले शौकीन लोगों के अलावा ऐसी धरोहरें वर्तमान समय में प्रायः लुप्त होने के कगार पर हैं ।
शिक्षक दिवस पर अपनी हर विषय के टीचर्स के लिए अच्छे से अच्छा कार्ड ढूंढना अपने आप मे जैसे एक टॉरगेट ही होता था। टीचर्स को कार्ड देते समय उनके चेहरे की खुशी और धन्यवाद दिल को अंदर तक राहत दे जाता। भला हो इन कार्ड बनाने वाली कंपनियों का, जिन्होंने हम छात्रों के लिए पॉकेट साइज कार्ड बनाने शुरू कर दिए, जो जेब में आ भी जाते और जेब पर भारी भी नहीं पड़ते।
शादी के बाद एनीवर्सरी ग्रीटिंग्स कार्ड देने, लेने में और इजाफा हुआ। पहली एनीवर्सरी में पतिदेव की तरफ से एक बेहतरीन सन्देश युक्त कार्ड मिला। एक प्यार भरा अंतर्निहित सन्देश भी लिखा था। जिसे पढ़कर हम फूल कर कुप्पा हो गए थे। सन्देश यही था कि जीवनरूपी भवसागर को यूं ही साथ- साथ हाथों में हाथ लेकर ही पार करना है।
जीवन साथी के साथ जीवन राग को लय से लय में बिठाने का सबसे अच्छा उपाय सॉरी का कार्ड देना है। आज सभी दम्पत्ति को जीवन की समरसता में कटुता आने पर, यदि जीवन संगीत में मधुरता से बजाना है तो गलती मान लेना चाहिए ।
भला हो इन सॉरी लिखे कार्डो का ,तकिये के नीचे अक्सर रखे मिलते। जिसने गलती मान ली वही महान होता है ।
ये सिलसिला आज भी कायम है, बस कार्ड की जगह व्हाट्सएप ने ले ली है। जिसमें एक समय बाद मैसेज डिलीट हो जाते हैं… लेकिन ग्रीटिंग्स कार्ड मेरे पास आज भी सुरक्षित हैं। बधाई संदेश आज भी हम इन्हीं ग्रीटिंग्स कार्ड से ही देते हैं। इस दौर में पाने वाले की खुशी का ठिकाना नहीं होता कार्ड पाकर यही हाल मेरा भी होता। चाहे किसी भी चीज़ का दौर आये और चला जाये लेकिन अपने शौक को हमेशा ज़िंदा रखना चाहिए। क्योंकि शौक बड़ी चीज है ।
(फोटो साभार-सोशल मीडिया)




