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सत्यपाल मलिक के खिलाफ CBI की चार्जशीट, संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला

Lucknow Focus News Desk: सीबीआई ने किरू जलविद्युत परियोजना में 2,200 करोड़ रुपये के ठेके में कथित भ्रष्टाचार के मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और सात अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

संजय सिंह ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “मोदी सरकार निर्दयी है। एक तरफ सत्यपाल मलिक अस्पताल में भर्ती हैं और जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं, दूसरी तरफ CBI ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।”

तीन साल चली जांच, कई नाम शामिल

CBI ने तीन साल की जांच के बाद मलिक और उनके दो सहयोगियों—वीरेंद्र राणा और कंवर सिंह राणा—को आरोपी बनाया है। इसके साथ ही चार्जशीट में चेनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (CVPPPL) के तत्कालीन एमडी एम.एस. बाबू, निदेशक अरुण कुमार मिश्रा और एम.के. मित्तल, पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के एमडी रूपेन पटेल और कंवलजीत सिंह दुग्गल के नाम भी शामिल हैं।

सत्यपाल मलिक ने क्या कहा?

चार्जशीट दाखिल होने के दिन, 22 मई को सत्यपाल मलिक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि वह अस्पताल में भर्ती हैं और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें शुभचिंतकों के फोन आ रहे हैं, लेकिन वे जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं।

क्या है मामला?

CBI ने 2022 में प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोप था कि किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के सिविल कार्यों के लिए 2,200 करोड़ रुपये का ठेका एक निजी कंपनी को देने में अनियमितता हुई थी। मलिक ने खुद दावा किया था कि उन्हें परियोजना की एक फाइल को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।

CBI ने फरवरी 2024 में इस मामले में सत्यपाल मलिक समेत अन्य के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। मलिक ने तब कहा था कि उन्हें बदले की भावना से निशाना बनाया जा रहा है।

“मेरे पास चार-पांच कुर्ते-पायजामा के अलावा कुछ नहीं है। तानाशाह सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर मुझे डराना चाहती है, लेकिन मैं किसान का बेटा हूं, न डरूंगा, न झुकूंगा,” मलिक ने उस समय अपने बयान में कहा था।

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