सामाजिक विडम्बनाओं पर आधारित नाटक ‘डर और पीपल का पेड़’ का जीवंत मंचन, सोनल ठाकुर को मिला सम्मान

Lucknow Focus News Desk: कहानियों के मर्म और सामाजिक विसंगतियों को रंगमंच पर उतारने की चुनौती को स्वीकार करते हुए, अमुक आर्टिस्ट ग्रुप के कलाकारों ने वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल मिश्रा ‘गुरुजी’ के निर्देशन में नाटक ‘डर और पीपल का पेड़’ का प्रभावशाली मंचन किया। गुरुवार को कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली सभागार में यह प्रस्तुति दी गई।
महिला सवालों को केंद्र में रखती हैं कहानियां
यह नाटक शीर्ष महिला कथाकारों रजत रानी ‘मीनू’ और उर्मिला शिरीष की दो अलग-अलग कहानियों पर आधारित है। अनिल मिश्र ‘गुरुजी’ ने बताया कि दोनों कहानियाँ महिला जीवन और उनके सवालों को केंद्र में रखकर रची गई हैं।
‘डर’ (रजत रानी ‘मीनू’): यह कहानी एक दलित और अछूत माँ की है, जो घरों में झाड़ू-पोछा करके अपने बेटे को पढ़ाती-लिखाती है। बेटा पढ़कर अच्छी नौकरी पाता है, पर माँ हर बार उसके साथ शहर जाने से मना कर देती है, इस डर से कि कहीं लोग बेटे को मार न दें या उनका काम न छूट जाए। यह कहानी मानवीय संवेदना और जातिगत विडम्बना को दर्शाती है।
‘पीपल का पेड़’ (उर्मिला शिरीष): यह कहानी एक पति-पत्नी के गहरे समर्पण की दास्ताँ है। अस्पताल में मौत से जूझ रहा पति अपनी डायरी में पत्नी के संघर्षों और अपनी अंतिम इच्छाओं को दर्ज करता है। पति की मृत्यु के बाद पता चलता है कि वह अपनी पत्नी के लिए 6 एकड़ जमीन इस शर्त पर छोड़ गया है कि वह बच्चों को बिना बताए सम्मान के साथ जीवन जिए। यह कहानी स्त्री के सम्मान और जीवनसाथी के त्याग को रेखांकित करती है।
सोनल ठाकुर को मिला ‘रंगाचार्य स्मृति सम्मान’
कार्यक्रम के दौरान अमुक आर्टिस्ट ग्रुप के वार्षिक सम्मान ‘रंगाचार्य डॉ. विश्वनाथ मिश्र स्मृति सम्मान 2025’ से लखनऊ के प्रतिष्ठित रंगकर्मी सोनल ठाकुर को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि कर्नल जीपीएस कौशिक ने सोनल ठाकुर को एक संवेदनशील और गंभीर व्यक्तित्व का रंगकर्मी बताते हुए कहा कि रंगकर्म के क्षेत्र में तीन दशक की उनकी सार्थक यात्रा रही है। उनके जन सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण योगदान के लिए संस्था उन्हें इस सम्मान से विभूषित कर रही है।
मंचन में कलाकारों का प्रभावी अभिनय
नाट्य मंचन में विष्णु पाण्डेय, अनामिका सिंह, अर्चना जैन, नीरज शब्द, शशांक पाण्डेय, निशान्त पाण्डेय, अभिषेक दुबे, वर्षा कुमारी, ज्योति गुप्ता, प्रियंका सारस्वत, शोभित राजपूत, रवि कश्यप, छवि श्रीवास्तव और मोनिका अग्रवाल ने प्रभावशाली अभिनय किया।
प्रकाश परिकल्पना संतोष कुमार ‘समायर’ ने, संगीत संयोजन संतोष शर्मा ‘बब्लू’ ने, और रूपसज्जा पं. दिनेश अवस्थी ने संभाला।
विशेष सूचना: काकोरी कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि
संस्था द्वारा 19 दिसंबर 2025 को काकोरी कांड के अमर शहीदों की स्मृति में “शहीदों की ओर चलो” यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा सुबह 9:50 बजे सुभाष चौक (निकट परिवर्तन चौक) से काकोरी शहीद स्मारक तक निकाली जाएगी।




