बदलते मौसम में बच्चों की इम्यूनिटी के लिए हेल्थ एक्सपर्ट का खास काढ़ा, तुलसी और सितोपलादि चूर्ण का संयोजन

Lucknow Focus News Desk: बदलते मौसम में बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित होना और उनकी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) का कमजोर होना एक आम समस्या है। हेल्थ एक्सपर्ट ने बच्चों को सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण से बचाने के लिए एक प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपाय बताया है।
डॉ. प्रजापति के अनुसार, तुलसी के काढ़े में सितोपलादि चूर्ण मिलाकर सेवन कराना बच्चों के शरीर को अंदर से मजबूत बनाने का सबसे प्रभावशाली तरीका है।
तुलसी और सितोपलादि चूर्ण के लाभ
आयुर्वेद में यह हर्बल काढ़ा बच्चों के फेफड़ों और श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है।
तुलसी काढ़ा: गले की खराश कम करता है, वायरल संक्रमण से बचाता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है।
सितोपलादि चूर्ण : बलगम को पतला करता है, फेफड़ों की सफाई में मदद करता है, श्वास नलिकाओं की रक्षा करता है।
मिश्री: गले को ठंडक देती है और जलन शांत करती है। (डायबिटीज के बच्चों के लिए कम मात्रा में दें)।
दालचीनी: इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं।
एक्सपर्ट ने बताया कि यह संयोजन अस्थमा के शुरुआती लक्षणों, साइनस और हल्की एलर्जी में भी लाभकारी है। यह बच्चों को बार-बार होने वाले संक्रमण से बचाता है और उनकी दिनचर्या को प्रभावित होने से रोकता है।
सेवन विधि और सावधानियां
सेवन विधि: काढ़े को हल्का गुनगुना करके दिन में 1 से 2 बार दिया जा सकता है। छोटे बच्चों को चूर्ण को काढ़े में मिलाकर चम्मच की मदद से दिया जा सकता है।
चिकित्सकीय सलाह: काढ़ा और चूर्ण देने से पहले हमेशा डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लें।
मात्रा: बच्चों को सुझाई गई मात्रा से अधिक न दें।
गंभीर बीमारी: यदि खांसी या बुखार लगातार बढ़ता है, तो तुरंत आधुनिक चिकित्सा के डॉक्टर से संपर्क करें।




