uncategorized

भारत में Starlink को मिला परिचालन लाइसेंस, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की पुष्टि

Lucknow Focus News Desk: भारत सरकार ने एलन मस्क की कंपनी Starlink को देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की अनुमति दे दी है। यह जानकारी संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को दी।

उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा SpaceX की प्रेसिडेंट एवं COO ग्विन शॉटवेल से मुलाकात बेहद सार्थक रही। हमने भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन के ज़रिए कनेक्टिविटी के नए आयामों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया की क्रांति को गति देने में यह तकनीक निर्णायक भूमिका निभाएगी। Ms. शॉटवेल ने Starlink को दिए गए लाइसेंस की सराहना की और इसे एक शानदार शुरुआत बताया।

क्या है Starlink?

Starlink एक उन्नत सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है जो पृथ्वी के निम्न कक्षा (LEO – Low Earth Orbit) में स्थित उपग्रहों की मदद से हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराती है। इसकी सेवाएं खासकर दूरदराज़ के इलाकों में तेज़ और विश्वसनीय कनेक्टिविटी देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

Starlink की विशेषताएं

पारंपरिक जियोस्टेशनरी सैटेलाइट (36,000 किमी) की बजाय Starlink के सैटेलाइट्स सिर्फ 550 किमी की ऊंचाई पर होते हैं।

इस समय Starlink के पास 7,000 सक्रिय सैटेलाइट्स हैं, जिसे 40,000 तक विस्तार करने की योजना है।

यह नेटवर्क वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉल जैसी सेवाओं के लिए पर्याप्त स्पीड और लो-लेटेंसी देता है।

भारत में Starlink की एंट्री का महत्व

भारत में Starlink को Eutelsat OneWeb और Jio Satellite Communications के बाद तीसरा लाइसेंस मिला है। वहीं, Amazon की Project Kuiper अब भी सरकार की स्वीकृति का इंतज़ार कर रही है।

इस साल मार्च में भारत की दो प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों Jio और Airtel ने SpaceX के साथ साझेदारी की घोषणा की थी, जिससे Starlink की सेवाएं इनके ग्राहकों तक पहुंच सकें। दोनों कंपनियां भारतीय बाजार में मिलकर 70% से अधिक हिस्सेदारी रखती हैं।

चुनौतियां भी कम नहीं

Starlink की एंट्री को लेकर भारत में स्पेक्ट्रम आवंटन, प्रतिस्पर्धा, और कीमतों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। कई जानकारों का मानना है कि उचित रेगुलेशन के बिना यह छोटे खिलाड़ियों को नुकसान पहुंचा सकता है।

Starlink की भारत में शुरुआत देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को नया आयाम दे सकती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां अब तक इंटरनेट की पहुंच सीमित रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि Starlink देश के टेलीकॉम परिदृश्य में कैसे क्रांति लाता है।

Also Read: जनगणना की अधिसूचना जारी, जानिए किन 4 राज्यों में 6 महीने पहले शुरू होगी?

Related Articles

Back to top button