हेल्थ एंड वेलनेस

सहारा हॉस्पिटल में स्तन सम्बन्धी रोगों की समस्याओं के निराकरण पर दिए गए सुझाव 

विश्व महिला दिवस के अवसर पर ब्रेस्ट रोग विशेषज्ञ डा. फरहा अरशद ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की दी सलाह

लखनऊ फोकस ब्यूरो

लखनऊ। स्तन में गांठ जैसी समस्याएं होना आम बात हो गयी है और इस समस्या से अब किशोरियां भी प्रभावित होने लगी हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉक्टर फरहा अरशद ने सभी महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि महिलाओं को जरा भी गांठ की समस्या महसूस हो तो उन्हें तुरंत जांच करवाना चाहिए। इस तरह की गांठें बहुत तेजी से बढ़ने यानि परिवर्तन की क्षमता रखती हैं और उन्होंने यह भी बताया कि छाती की सुंदरता का भी ध्यान रखते हुए इस बीमारी को दूर किया जा सकता है।

(आपरेशन के बाद किशोरी की छाती से निकली गांठ)

उन्होंने ऐसी ही एक मरीज का जिक्र करते हुए बताया कि अभी हाल ही में सहारा हॉस्पिटल में आयी 17 वर्षीय किशोरी को दो महीने पहले छाती में गांठ का पता चला, तो परिजनों ने उसका होम्योपैथिक इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उसके स्तन की गांठ उस समय केवल मात्र 2 से 2.30 सेंटीमीटर थी लेकिन तीन हफ्तों के अंदर यह गांठ बहुत तेजी से बढ़ने लगी क्योंकि लड़की दुबली-पतली थी और उसकी वजह से छाती लटक कर पेट की नाभि तक आ गयी थी। हाथ व कंधे में दर्द के साथ साथ उसके शरीर की बनावट भी बहुत बेडौल दिखने लगी थी। जब किशोरी को सहारा हॉस्पिटल में छाती रोग विशेषज्ञ डॉ.फरहा को दिखाया गया तो उन्होंने परामर्श के साथ किशोरी का सी.टी. स्कैन  एवं सायटोलॉजी करवाया तो उन जांचों में पता चला कि उसके स्तन की गांठ 21 सेंटीमीटर हो गयी जो लगभग पहले से 10 गुना तक बढ़ गयी थी और डॉक्टर फराह को महिला में फ्राबलायड टयूमर होने की आशंका जाहिर हुई। डॉक्टर ने उसे तुरन्त सर्जरी की सलाह दी। इसके बाद  फ्रोजन सेक्शन पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर अंजू शुक्ला द्वारा किया गया जिससे पता चला कि अगर तुरन्त गांठ का इलाज न मिलता तो मरीज की हालत बहुत ही गम्भीर अवस्था में पहुंच सकती थी।

डॉक्टर फराह ने सर्जरी के दौरान स्तन को बचाते हुए गांठ को निकाल दिया जिससे महिला मरीज व उनके परिजन इलाज पाकर बेहद खुश और संतुष्ट हुए थे।

सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंह जी ने बताया कि हमारे अभिभावक सहाराश्रीजी ने सदैव सभी को स्वास्थ्य सुरक्षा विशेष सजग रखने की बात कही है। इसी क्रम में उन्होंने ऐसे विश्वस्तरीय सहारा अस्पताल का निर्माण किया है, जहां हर प्रकार वर्ग आयु के लोगों को किफायती दरों पर इलाज मिल रहा है। उन्होंने बताया कि परिवार में महिला के स्वस्थ रहने से सम्पूर्ण परिवारीजन स्वास्थ्य एवं खुश रहते हैं। उन्होंने भी सलाह दी कि महिलाएं किसी भी बीमारी को अनदेखा न करें। सही समय पर सही इलाज ही रोगों की गम्भीरता से बचा सकता है।

 

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