उत्तर प्रदेश

बाराबंकी में गुरु पूर्णिमा का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, शिक्षकों का हुआ सम्मान

Lucknow Focus News Desk: संस्कार भारती अवध प्रांत की बाराबंकी इकाई द्वारा शनिवार को लखपेड़ाबाग स्थित साहू जी पब्लिक स्कूल में गुरु पूर्णिमा उत्सव पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात समालोचक डॉ. श्याम सुंदर दीक्षित ने की।

इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त अंग्रेज़ी प्रवक्ता और संस्कार भारती के पूर्व कोषाध्यक्ष मनोहर लाल वर्मा का पारंपरिक तरीके से गुरुपूजन और सम्मान किया गया। उन्हें रोली-चंदन, अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह, श्रीफल, भगवद्गीता और छाता भेंट कर अभिनंदित किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुति से सजी संध्या

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और नटराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद प्रभात दीक्षित के निर्देशन में सुगम संगीत सीख रही छात्राओं ने ध्येय गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम का संचालन संस्कार भारती बाराबंकी इकाई के महामंत्री सूर्यांशु शर्मा ने किया। संस्था अध्यक्ष रवि अवस्थी और कोषाध्यक्ष प्रदीप महाजन ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

गुरु के योगदान को याद किया गया

संस्कार भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष शिव कुमार व्यास ने श्री एम.एल. वर्मा के शैक्षिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया और संस्था के उद्देश्यों तथा कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि संस्कार भारती भारतीय कला, संस्कृति और मूल्यों के संवर्धन के लिए कार्यरत है।

काव्य गोष्ठी में गूंजीं रचनाएं

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि संगम, काशी प्रांत के अध्यक्ष अटल नारायण विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस मौके पर एक काव्यगोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसका संचालन रामकिशोर तिवारी “किशोर” ने किया। गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी कविताएं प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया।

कई लोग रहे मौजूद

इस मौके पर संस्कार भारती के प्रांतीय पदाधिकारी अजय प्रधान, डॉ. अम्बरीष अम्बर, ओ.पी. वर्मा ‘ओम’ और जिला कार्यकारिणी से राजकुमार सोनी, डॉ. पुष्पेंद्र, पत्रकार रत्नेश कुमार, डॉ. विनय दास, झोला वाले अजीत प्रताप सिंह, साहब नारायण शर्मा, सोहन आज़ाद, रमेश चंद्र रावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मां दुर्गा शाखा के प्रमुख कार्यकर्ता और शिक्षक भी इस अवसर पर उपस्थित रहे, जिनमें उदय प्रताप सिंह, मोहन जी, श्रेया श्रीवास्तव, अंशिका रस्तोगी, सेजल सैनी, शगुन रस्तोगी, हरमीत सिंह और शुभांकर प्रमुख रहे।

अध्यक्षीय भाषण के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में डॉ. श्याम सुंदर दीक्षित ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला और युवाओं से भारतीय संस्कारों और संस्कृति से जुड़े रहने की अपील की। इसके साथ ही कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।

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