उत्तर प्रदेश

‘दि मॉरल’ का 45वां वार्षिक समारोह भव्य रूप से संपन्न, भारतीय रंगमंच पर केंद्रित विशेषांक हुआ विमोचित

Lucknow Focus News Desk: कानपुर महानगर से प्रकाशित प्रतिष्ठित साप्ताहिक समाचार पत्र ‘दि मॉरल’ (हिंदी/अंग्रेज़ी) का 45वां वार्षिक समारोह आज कोपेस्टेट सभागार में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह का उद्घाटन उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने दीप प्रज्वलन और माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने अध्यक्षता की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व विधायक अजय कपूर, वरिष्ठ रंगकर्मी राधेश्याम दीक्षित, यूपीको के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह, और कोपेस्टेट के चेयरमैन व पूर्व निदेशक-देना बैंक विजय कपूर उपस्थित रहे।

इस मौके पर ‘दि मॉरल’ के 45वें विशेषांक का विमोचन किया गया, जो भारतीय रंगमंच के इतिहास पर केंद्रित है। यह अंक नाट्यजगत के लिए एक अभूतपूर्व योगदान के रूप में देखा जा रहा है।

सम्मानित हुए समाज के चार विशिष्ट व्यक्तित्व

इस अवसर पर दि मॉरल की प्रगति में सतत सहयोग देने वाले चार विशिष्ट जनों को शाल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में शामिल हैं:

  • के.के. अवस्थी – साहित्यकार और समाजसेवी
  • दिनेश आहूजा – प्रमुख उद्योगपति
  • पुषोत्तम गुप्ता – उद्यमी
  • प्रमोद कुमार सेठ – कारोबारी

अतिथियों ने दिए प्रेरणादायक संबोधन

मुख्य अतिथि कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कानपुर न केवल क्रांतिकारियों और उद्योगपतियों की भूमि है, बल्कि यह पत्रकारिता और साहित्य की भी ऐतिहासिक नगरी रही है। उन्होंने ‘दि मॉरल’ के संपादक शिवशरण त्रिपाठी की निष्पक्ष, सटीक और सशक्त पत्रकारिता की सराहना की और कहा कि यह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि दि मॉरल जैसा लघु समाचार पत्र जब 45 वर्षों तक लगातार प्रकाशित होता है, तो यह संपादकीय प्रतिबद्धता और समाज के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ‘दि मॉरल’ के विशेषांक शोधकर्ताओं और पाठकों के लिए ज्ञान का अनमोल स्रोत हैं।

भाजपा नेता अजय कपूर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वे राजनीति में आने से पहले से ही दि मॉरल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने त्रिपाठी की लेखनी और ‘यथार्थ’ स्तंभ की विशेष रूप से प्रशंसा की और उन्हें युवा पत्रकारों के लिए आदर्श बताया।

वरिष्ठ रंगकर्मी राधेश्याम दीक्षित ने कहा कि त्रिपाठी ने भारतीय रंगमंच पर विशेषांक निकाल कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गंभीर बीमारी (कैंसर) के बावजूद त्रिपाठी का यह योगदान रंगमंच जगत के लिए अविस्मरणीय रहेगा।

यूपीको के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह और कोपेस्टेट चेयरमैन विजय कपूर ने भी त्रिपाठी के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए और उन्हें एक सच्चे, ईमानदार और समर्पित पत्रकार बताया। उन्होंने आश्वस्त किया कि समाज के हर वर्ग को ‘दि मॉरल’ जैसे प्रकाशनों का सहयोग करना चाहिए।

संपादक ने साझा किए अनुभव, किया नई घोषणा

कार्यक्रम के प्रारंभ में दि मॉरल के संपादक शिवशरण त्रिपाठी ने स्वागत भाषण देते हुए अपने 45 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव साझा किए। उन्होंने जानकारी दी कि अगला विशेषांक भारतीय पत्रकारिता के इतिहास पर आधारित होगा।

विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति

इस गरिमामय अवसर पर शहर की कई प्रमुख हस्तियाँ भी उपस्थित रहीं, जिनमें वरिष्ठ पत्रकार कैलाश नाथ त्रिपाठी, आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष अरविंद त्रिवेदी, डॉ. अवधेश दीक्षित, उद्योगपति बलराम नरूला, लोकसेवक मण्डल के अध्यक्ष दीपक मालवीय, कवि डॉ. सुरेश अवस्थी, प्रो. दया दीक्षित, वरिष्ठ रंगकर्मी विनोद पांडेय और अवधेश मिश्र प्रमुख हैं।

समारोह का संचालन दि मॉरल के ब्यूरो चीफ एवं स्वतंत्र पत्रकार आनंद उपाध्याय ने किया, जबकि साहित्यसेवी डॉ. विनोद त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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