लखनऊ में सस्ते फ्लैट्स का सुनहरा मौका, सितंबर से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन; जानिए पूरी डिटेल

Lucknow Focus News Desk: राजधानी लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। आवास विकास परिषद (UPAVP) सितंबर महीने से करीब 11,000 खाली फ्लैट्स की बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इनमें से 2500 फ्लैट अकेले लखनऊ की विभिन्न योजनाओं में मौजूद हैं।
हालांकि, प्रदेश के अन्य शहरों में लोगों को फ्लैट खरीदने पर 40% तक की छूट मिल सकती है, लेकिन लखनऊ के फ्लैट्स पर छूट नहीं दी जाएगी। हालांकि, एकमुश्त भुगतान करने वालों को 5% की अतिरिक्त राहत जरूर दी जाएगी।
किन योजनाओं में मिलेंगे फ्लैट?
परिषद के सचिव नीरज शुक्ला के अनुसार, लखनऊ की अवध विहार, वृंदावन योजना और मुन्नू खेड़ा जैसी लोकेशनों पर करीब 2500 फ्लैट्स उपलब्ध हैं। अन्य शहरों के फ्लैट्स के मुकाबले इनकी कीमत थोड़ी अधिक रहेगी, लेकिन इनकी लोकेशन और सुविधाएं इसे प्रीमियम बना देती हैं।
बांदा और चित्रकूट में नई हाउसिंग स्कीम
- बैठक में यह भी तय किया गया कि बांदा और चित्रकूट में आवास विकास परिषद दो नई आवासीय योजनाएं शुरू करेगी।
- बांदा (मवई बुजुर्ग गांव) में करीब 338 एकड़ ज़मीन पर एक बड़ी योजना लाई जाएगी, जिसमें 9500 से अधिक प्लॉट बनेंगे।
- चित्रकूट (चकला राजरानी और अहमदगंज गांव) में करीब 160 एकड़ में योजना लागू होगी, जिसमें 4000 भूखंड विकसित किए जाएंगे।
- इन दोनों योजनाओं के तहत करीब एक लाख लोगों को आवास सुविधा मिलने की उम्मीद है।
- पुराने घोटालों पर कार्रवाई के निर्देश
- बैठक में परिषद से जुड़े पुराने भ्रष्टाचार मामलों पर भी चर्चा हुई।
प्रयागराज में तैनात रहे जेई नारायण प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में ठेकेदारों को 41 लाख रुपये का फर्जी अग्रिम भुगतान किया था, जिसकी कटौती बिल से नहीं की गई। अब उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं, हालांकि वे 2021 में रिटायर हो चुके हैं।
इसी तरह, गाजियाबाद में तैनात अधिशासी अभियंता सुनील कुमार सिंह और जेई दिनेश पाल सिंह पर अवैध निर्माण को बढ़ावा देने के आरोप हैं। जांच के बाद दोनों रिटायर्ड अभियंताओं पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
टंकण टेस्ट में बदलाव
- परिषद में आशुलिपिक और बाबू की भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।
- अब आशुलिपिक को 100 की जगह 80 शब्द प्रति मिनट की स्पीड रखनी होगी।
- बाबू के लिए टाइपिंग स्पीड 30 की जगह अब 25 शब्द प्रति मिनट निर्धारित की गई है।
वाराणसी और उन्नाव में भी जमीन खरीदी को मंजूरी
वाराणसी की जीटी रोड बाईपास योजना के लिए जमीन खरीदने को बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। यह योजना 2012 से अटकी पड़ी थी। अब यह योजना 1500 एकड़ में बनेगी और इस पर 3158 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
उन्नाव में भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना संख्या-3 के लिए भी 470 एकड़ जमीन की खरीद को हरी झंडी दे दी गई है, जिसमें 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे।




