संसद में गूंजा ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा: पीएम मोदी और अमित शाह ने विपक्ष को घेरा

Lucknow Focus News Desk: संसद के दोनों सदनों में इन दिनों ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर जबरदस्त चर्चा चल रही है। मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के तीनों आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता से काम कर रही हैं और दुश्मनों को हर मोर्चे पर मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
इससे पहले सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में इस बहस की शुरुआत की थी, जो रात 1 बजे तक चली। इस दौरान कांग्रेस की ओर से उप नेता गौरव गोगोई ने सरकार पर सवाल उठाए और जवाबों की मांग की।
आज की चर्चा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता भी हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही राज्यसभा में भी आज से इस मुद्दे पर बहस शुरू हो गई है, जिसकी अगुवाई भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ही की।
पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बोलते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा मैं इस लोकतंत्र के मंदिर में यह साफ कर दूं ऑपरेशन सिंदूर अभी थमा नहीं है। अगर पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया, तो उसे पहले से भी ज़्यादा करारा जवाब मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि आज का भारत आत्मनिर्भर हो रहा है। देश ने सेना के साथ खड़े होकर यह दिखा दिया है कि अब हम केवल जवाब नहीं देते, अपनी शर्तों पर निर्णायक कार्रवाई करते हैं।
पीएम मोदी ने सिंधु जल समझौते को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा नेहरू जी ने भारत का 80% पानी पाकिस्तान को दे दिया। हमारी नदियां जो संस्कृति और चैतन्य की शक्ति थीं, उन्हें पाकिस्तान के पक्ष में गिरवी रख दिया गया। उन्होंने कहा कि अब भारत ने वह ऐतिहासिक गलती सुधार दी है। खून और पानी अब एक साथ नहीं बह सकते। हमने इस वन-वे ट्रैफिक को बंद कर दिया है।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीन लिया गया है, और अटारी-वाघा बॉर्डर पर व्यापार भी बंद कर दिया गया है।
‘कांग्रेस को सेना पर भरोसा नहीं’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दौर केवल युद्ध का नहीं, बल्कि सूचना और नैरेटिव का भी है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने एआई और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सेना का मनोबल तोड़ने की कोशिश की। ऐसे लोग पाकिस्तान के प्रपंचों के प्रचारक बन चुके हैं।
उन्होंने कांग्रेस की उस मांग का जिक्र किया जब सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक के बाद सबूत मांगे गए थे। पीएम ने कहा जब सेना ने अभिनंदन को बचाकर लाया, तब भी कांग्रेस ने यह तक कह दिया था कि मोदी छुपा देगा। ये वही लोग हैं जो अपने नायकों पर शक और विरोधियों पर भरोसा करते हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे बीएसएफ जवान पाकिस्तान में पकड़े गए, लेकिन वे सम्मानपूर्वक वापस लौटे। जब आतंकी रो रहे हैं, उनके आका नींद नहीं ले पा रहे, तब कांग्रेस के कुछ नेता रो रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने इस अभियान में मेड इन इंडिया मिसाइलों, रडार सिस्टम और तकनीक की विशेष भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा हमारी तीनों सेनाओं ने मिलकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। अब भारत पर हमला हुआ तो जवाब भारत की शर्तों पर मिलेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग अब नहीं चलेगी।
विदेश नीति पर भी रखा पक्ष
पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत ने यह सैन्य कार्रवाई की, तब दुनिया के लगभग सभी बड़े मंचों जैसे क्वॉड, ब्रिक्स और UN में भारत को समर्थन मिला। लेकिन दुख की बात है कि अपने ही देश में कांग्रेस ने सेना के पराक्रम का समर्थन नहीं किया। 22 अप्रैल को हमला हुआ और कांग्रेस चंद दिन बाद ही आलोचना में जुट गई। उन्हें हेडलाइन चाहिए थी, जनसमर्थन नहीं।



