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सर्दियों में बढ़ जाती है कब्ज की समस्या: बिना दवा के ‘पेट साफ’ करने के लिए अपनाएं ये 5 असरदार घरेलू उपाय

Lucknow Focus News Desk: उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड न केवल कपकपी बढ़ा रही है, बल्कि हमारे पाचन तंत्र को भी सुस्त कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में शारीरिक सक्रियता की कमी, कम पानी पीना और भारी खान-पान की वजह से क्रोनिक कब्ज (Chronic Constipation) के मामले 30-40% तक बढ़ जाते हैं।

विशेषज्ञों ने बिना किसी अंग्रेजी दवा के, प्राकृतिक तरीके से पेट साफ रखने के कुछ बेहद प्रभावी उपाय साझा किए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में:

सुबह का ‘वॉर्म स्टार्टअप’

कब्ज से राहत पाने का सबसे पहला नियम है सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पीना। ठंड में आंतों की मांसपेशियां संकुचित हो जाती हैं। गुनगुना पानी इन मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और ‘नेचुरल स्टिमुलेटर’ की तरह काम कर शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है।

पाचन को सुचारू रखने के लिए अपने आहार में तीन चीजों को शामिल करें:

एक ताजा फल: जो फाइबर से भरपूर हो।

हरी सब्जी: एक कटोरी उबली या पकी हुई सब्जी।

भिगोए हुए बीज: अलसी या चिया सीड्स, जो मल को सॉफ्ट बनाकर आंतों से आसानी से बाहर निकालते हैं।

घी और दूध का जादुई लुब्रिकेशन

क्रोनिक कब्ज के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास गरम दूध में एक चम्मच घी मिलाकर पिएं। यह आंतों में चिकनाई पैदा करता है, जिससे अगली सुबह बिना किसी कठिनाई के पेट साफ हो जाता है। यदि आप दूध नहीं पीते, तो गुनगुने पानी के साथ घी ले सकते हैं।

‘स्टूल सॉफ्टनिंग’ आहार और इसबगोल

अगर कब्ज पुराना है, तो मूंग की दाल, दलिया और खिचड़ी जैसे हल्के भोजन को प्राथमिकता दें। रात को सोने से पहले इसबगोल की भूसी का सेवन भी किया जा सकता है, जो आंतों की सफाई के लिए ‘प्राकृतिक झाड़ू’ की तरह काम करता है।

अक्सर लोग खाना खाकर तुरंत रजाई में दुबक जाते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। रात के भोजन के बाद कम से कम 10-15 मिनट टहलें या वज्रासन में बैठें। इससे भोजन का पाचन सही तरीके से होता है और गैस व पेट फूलने की समस्या नहीं होती।

 

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। पुरानी बीमारी या गंभीर समस्या होने पर किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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