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योजना: ऑटो इंडस्ट्री का हब बनेगा पश्चिमी यूपी, मिलेगा लाखों को रोजगार, वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए भी मददगार

लखनऊ। पश्चिमी और मध्य यूपी को ऑटो और इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के साथ ही इससे जुड़े कंपोनेन्ट्स की इंडस्ट्री का हब बनाने का निर्णय प्रदेश सरकार ने लिया है। इससे प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में काफी मदद मिलेगी।

सीएम योगी ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश ऑटो और इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री
सीएम योगी ने एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पश्चिमी और मध्य यूपी में ऑटो और इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के लिए पहले से पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, बस इसे और विकसित करने की जरूरत है, क्योंकि ऑटो सेक्टर में इलेक्ट्रिक व्हीकल की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। इससे रोजगार के साधन भी इस इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर उपलब्ध होंगे। सीएम योगी ने कहा कि मध्य और पश्चिमी में बने टू और थ्री ईवी व्हीकल और ईवी पाटर्स को यूके, यूएसए, आस्ट्रेलिया, साउथ एशिया में सप्लाई किया जाएगा।

ओरिजनल इक्यूपमेंट मैन्युफैक्चरर बेल्ट के रूप में विकसित होगा पश्चिमी यूपी
योगी सरकार ऑटो इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ, हापुड़, कानपुर नगर और मेरठ को लार्ज इंडस्ट्री के निर्माण के लिए चुना है, जबकि एमएसएमई इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए आगरा, शाहजहांपुर, अलीगढ़, प्रयागराज, सहारनपुर और इटावा को चुना गया है। प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए पश्चिमी यूपी को ओरिजनल इक्यूपमेंट मैन्युफैक्चरर बेल्ट के रूप में विकसित करने के लिए यहां पर्याप्त संसाधन भी पहले से उपलब्ध है।

पांच वर्षों में 90 हजार से 1.10 लाख प्रति वर्ष रोजगार उपलब्ध होंगे
वर्ष 2019 में ऑटो इंडस्ट्री में यूपी की डेढ़ बिलियन डॉलर ग्रोथ स्टेट वैल्यू एडिशन को अगले पांच वर्ष में पांच बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य है। इंडस्ट्री के विकास के लिए पश्चिमी और मध्य यूपी में 9 से 10 हजार एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी, जिस पर योगी सरकार 19 से 20 बिलियन डॉलर खर्च करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि पश्चिमी यूपी में ऑटो जोन और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री को विकसित करने के लिए इससे जुड़े सहायक और डाउनस्ट्रीम उद्योग पर फोकस करना होगा। एक सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2017 में इस सेक्टर में 60 से 70 हजार लोगों को रोजगार मिला था, वहीं इसकी ग्रोथ से अगले पांच वर्षों में 90 हजार से 1.10 लाख प्रति वर्ष रोजगार उपलब्ध होंगे।

फोटो साभार: सोशल मीडिया

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