भारत-पाक सीजफायर और ग्लोबल इकोनॉमिक संकेतकों के बीच शेयर बाजार अगले हफ्ते दिखा सकता है नई चाल

Lucknow Focus News Desk: पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर रहा, जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4% की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन आने वाले सप्ताह में कई बड़े घटनाक्रम बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं खासकर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की सहमति, जो निवेशकों को राहत दे सकती है।
शनिवार को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने युद्ध विराम पर सहमति जताई। सोमवार, 12 मई को दोपहर 12 बजे इस संबंध में अगली चर्चा प्रस्तावित है। पिछले सप्ताह POK में आतंकी ठिकानों पर भारत की जवाबी कार्रवाई के चलते बाजार में घबराहट का माहौल था, जो अब कुछ हद तक शांत हो सकता है।
चौथी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे
इस सप्ताह 511 से अधिक कंपनियां अपनी तिमाही आय रिपोर्ट जारी करेंगी, जिनमें हीरो मोटोकॉर्प, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, आईटीसी, भारती एयरटेल और आयशर मोटर्स जैसे दिग्गज शामिल हैं। इन परिणामों से निवेशकों को आगामी कारोबारी दिशा के संकेत मिलेंगे।
शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में हल्की गिरावट देखी गई। डॉव जोंस 119.07 अंक, S&P 500 लगभग 4 अंक और नैस्डैक लगभग स्थिर रहा। इन संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को बाजार से लगभग 3,798 करोड़ रुपये की निकासी की, जबकि घरेलू निवेशकों (DII) ने 7,277 करोड़ रुपये की खरीदारी की। निवेशकों की धारणा बाजार को ऊपर या नीचे की ओर मोड़ सकती है।
रुपये की चाल
शुक्रवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 34 पैसे मजबूत होकर 85.37 पर बंद हुआ। हालांकि, विदेशी बाजारों में डॉलर की मजबूती और NDF मार्केट में बढ़ती अस्थिरता चिंता का विषय बनी हुई है। आगामी सप्ताह में कई कंपनियों में डिविडेंड, डिमर्जर और राइट्स इश्यू जैसे कॉर्पोरेट गतिविधियां प्रस्तावित हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) और गॉर्डन रिफाइनरी जैसी कंपनियां इसके केंद्र में होंगी। तेल की कीमतें वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हैं, जो घरेलू महंगाई और बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। अमेरिकी क्रूड $61 के पार और ब्रेंट ऑयल $63.91 के आसपास कारोबार कर रहा है।
12 मई को भारत के CPI, WPI और व्यापार आंकड़े जारी किए जाएंगे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 3% के आसपास रह सकता है, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दरों में कटौती के लिए जगह मिल सकती है। अगला सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए निर्णायक हो सकता है। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव में कमी और मजबूत आर्थिक संकेतकों के चलते बाजार में तेजी लौट सकती है। हालांकि, वैश्विक कारक, निवेशक गतिविधियां और कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।




