हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत: कमीशनखोरी के आरोपी कुलपति विनय पाठक पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार

लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से राहत नहीं मिलने से अब कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। कमीशनखोरी के आरोप में हुई उनके खिलाफ इंदिरा नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि विनय पाठक ने एसटीएफ को अपने बीमार होने का हवाला देकर 25 नवंबर तक के लिए मोहलत मांगी है। बहरहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही विनय पाठक भूमिगत हो गए हैं।
दिल्ली में बैठे नेताओं व अधिकारियों से थे मधुर संबन्ध
इससे पहले याचिका खारिज होने के बाद मंगलवार को एसटीएफ कानपुर विश्वविद्यालय पहुंची थी। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को नोटिस देकर जांच के लिए तलब किया गया। बताया जा रहा है कि पकड़ने के लिए एसटीएफ विनय पाठक की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है। विनय पाठक का दिल्ली में नेताओं और उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों से जुड़ाव के चलते ऐसा रसूख और दबदबा था उन्हें वीसी मेकर की उपाधि दे दी गई। विनय पाठक को जनवरी 2022 में आगरा के डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर विवि के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था जो सितंबर महीने तक रहा। अब 1 अक्टूबर को प्रोफेसर आशु रानी को आगरा के अम्बेडकर यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाया गया।
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