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देश के इस जिले का कहा जाता है ‘फूलों की घाटी’, यहां खिलते हैं ब्रह्मकमल और ब्लू पॉपी

Lucknow Focus News Desk: भारत के उत्तराखंड राज्य का चमोली जिला अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता के कारण विश्वविख्यात ‘फूलों की घाटी’ (Valley of Flowers) का घर है। यह हिमालय की गोद में बसी एक अद्भुत प्राकृतिक धरोहर है, जिसे फूलों और औषधीय जड़ी-बूटियों की प्रचुरता के कारण ‘स्वर्ग का खुला द्वार’ भी कहा जाता है।

300 से अधिक दुर्लभ प्रजातियां

‘फूलों की घाटी’ नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है। यहाँ की जैव विविधता विश्वभर के प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करती है।

पुष्प विविधता: यह घाटी लगभग 300 से अधिक प्रकार के जंगली फूलों और औषधीय जड़ी-बूटियों का भंडार है।

दुर्लभ फूल: यहां मिलने वाले ब्रह्मकमल (Brahmakamal), हिमालयी ब्लू पॉपी (Blue Poppy) और कोबरा लिली (Cobra Lily) जैसे फूल दुनिया भर में बेहद दुर्लभ माने जाते हैं।

UNESCO विश्व धरोहर स्थल

इस घाटी के महत्व को देखते हुए वर्ष 2005 में इसे यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) घोषित किया गया। इसके बाद यह क्षेत्र संरक्षित हो गया और वन्यजीव संस्थान तथा नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के अंतर्गत प्रबंधित किया जाता है।

 ट्रेकिंग और संरक्षण

फूलों की घाटी तक पहुंचना अपने आप में एक रोमांचक ट्रेकिंग अनुभव है।

पर्यटकों को गोविंदघाट से लगभग 16 किलोमीटर का पैदल मार्ग तय करना पड़ता है। रास्ते में बर्फ से ढकी चोटियां, कल-कल बहते झरने और चमकते ग्लेशियर मन को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। घाटी हर साल जून से अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है, बाकी महीनों में यह बर्फ से ढकी रहती है।

घाटी की नाजुक जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए यहां प्लास्टिक ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है, और पर्यटकों से प्राकृतिक संरक्षण का पालन करने की अपील की जाती है।

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