‘इमरती का शहर’ है यूपी का ये जिला, 200 साल पुराना स्वाद बरकरार, PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 250 किलोमीटर दूर स्थित जौनपुर जिला अपनी एक खास मिठाई के लिए पूरे देश में मशहूर है। इस शहर को प्यार से “इमरती का शहर” भी कहा जाता है, जहाँ दूर-दूर से लोग उड़द की दाल से बनी इस अनोखी मिठाई का स्वाद लेने आते हैं।
अंग्रेजों के जमाने से है इमरती का इतिहास
जौनपुर की इमरती का इतिहास लगभग 200 साल से भी ज्यादा पुराना है और यह अंग्रेजों के जमाने से जुड़ा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि जौनपुर में इमरती बनने की शुरुआत 1855 में हुई थी। एक डाकिया, बेनीराम देवी प्रसाद, ने पहली बार एक अंग्रेज अफसर के लिए यह मिठाई बनाई थी।
बेनीराम ने उड़द की दाल का घोल तैयार कर उसे घी में तलकर खास तरीके से चाशनी में डुबोया। इस अनोखी मिठाई को ‘इमरती’ नाम दिया गया, जो अपनी मिठास और अनोखे स्वाद के लिए तुरंत लोकप्रिय हो गई।
जौनपुर की इमरती अपनी इस खास पहचान के कारण आज भी देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसकी गुणवत्ता और अनोखी पहचान को दर्शाते हुए इसे जीआई टैग (GI Tag) भी मिला है।
स्वाद जो जुबान पर घुल जाए
जौनपुर की इमरती की मांग सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इसकी सप्लाई होती है। यह इमरती इतनी परफेक्शन से चाशनी में डुबोई जाती है कि यह न ज्यादा मीठी लगती है और न ही ज्यादा भारी। यह इतनी मुलायम होती है कि मुंह में आसानी से घुल जाती है, जो इसे अन्य मिठाइयों से अलग बनाता है।
इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सार्वजनिक रूप से इसकी तारीफ कर चुके हैं। जौनपुर की इमरती अब केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि इस जिले की एक गौरवपूर्ण पहचान बन चुकी है।




