9 जुलाई की हड़ताल को लेकर ट्रेड यूनियनों की बैठक, कर्मचारियों ने उठाई 12 सूत्रीय मांगें

Lucknow Focus News Desk: आगामी 9 जुलाई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनज़र केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों, राज्य व केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और स्वतंत्र यूनियनों ने आज एक संयुक्त बैठक की। बैठक में राज्य सरकार के कर्मचारियों ने तय किया कि वे दोपहर के भोजनावकाश के दौरान जिलाधिकारी लखनऊ के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपेंगे।

बैठक में बिजली विभाग के निजीकरण पर गहरी चिंता जताई गई और इस निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलनों को हर स्तर पर समर्थन देने का निर्णय लिया गया।
सीटू (Centre of India Trade Unions) के जिला सचिव राहुल मिश्रा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 9 जुलाई को बड़ी संख्या में कर्मचारी व ट्रेड यूनियन सदस्य चारबाग स्थित श्रम कार्यालय पर एकत्र होंगे। वहाँ एक विशाल सभा के बाद उपश्रमायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
इस हड़ताल की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- सभी चार लेबर कोड्स को वापस लिया जाए।
- PFRDA एक्ट को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए।
- EPS-95 के पेंशनरों को भी OPS में शामिल किया जाए।
- प्राथमिक विद्यालयों के विलय के निर्णय को वापस लिया जाए।
- आउटसोर्स व संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
- उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
- सभी रिक्त पदों को नियमित भर्ती से भरा जाए।
- सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण व सरकारी विभागों को सिकोड़ने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
- आठवें वेतन आयोग की अधिसूचना जारी की जाए और राज्य वेतन आयोगों का गठन किया जाए।
- 18 महीने से डीए व डीआर की रोकी गई किश्तों को तत्काल जारी किया जाए।
- कर्मचारियों, पेंशनरों व संविदा कर्मियों के लिए समग्र कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को वापस लिया जाए।
संविधान के अनुच्छेद 310 और 311 की उपधाराएं (2)(a), (b), (c) को निरस्त किया जाए।
बैठक में प्रमुख रूप से प्रेम नाथ राय, चन्द्रशेखर, राहुल मिश्रा, सुधीर श्रीवास्तव, उमा शंकर मिश्रा, दीलीप श्रीवास्तव, पी. के. दीक्षित, सीता रावत, मीना, आशुतोष कुमार और अफीफ सिद्दीकी उपस्थित रहे।




