गलत स्थानांतरण प्रकरण की दो सदस्यीय समिति करेगी जांच


लखनऊ (वि.)। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ( मध्य क्षेत्र) के अंतर्गत वरिष्ठ कार्मिकों के स्थान पर कनिष्ठ कार्मिकों के किये गये स्थानांतरण पर मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के सचिव मंसूर अली की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्य अभियंता (मध्य क्षेत्र) ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में अधीक्षण अभियंता लखनऊ वृत्त, लखनऊ अध्यक्ष एवं अधीक्षण अभियंता सीतापुर- खीरी वृत्त, सीतापुर सदस्य के रूप मे काम करेंगे। यह समिति 15 दिनों में अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करेगी।
बताते चलें कि स्थानांतरण वर्ष 2023-24 के लिए हुए स्थानांतरण को लेकर शुरू से ही अनियमितता की शिकायतें कार्मिकों द्वारा विभागीय अधिकारी व मंत्री को लिखित भेजी जा रही हैं। इन शिकायतों को लेकर विभाग के उच्च अधिकारी भारी दबाव में हैं। शिकायतों में यह बात उल्लेखित की जा रही हॆ,कि स्थानांतरण प्रक्रिया से बचने के लिए फ़र्ज़ी फ़ेडरेशन/ महासंघ का हर वर्ष काग़ज़ों में गठन कर के सालों से एक ही कार्यालय मे जमे कर्मचारियों को मुख्य अभियंता ( मध्य क्षेत्र) के स्टाफ़ के लोग संरक्षण देकर एवं फ़र्ज़ी संगठन के पदाधिकारी दिखाकर एक ही कार्यालय में 19-19 व 23-23 वर्षों से जमे हुए वरिष्ठ बाबुओं के स्थान पर कनिष्ठ बाबुओं के स्थानांतरण कर दिये हैं।
मुख्य अभियंता( मध्य क्षेत्र) लोक निर्माण विभाग द्वारा किये गये ऎसे स्थानांतरणों पर अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार यादव, कार्यकारी अध्यक्ष आशीष खरे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार, उपाध्यक्ष निधि एव महामंत्री मंसूर अली द्वारा लगातार मिलकर बताया जाता रहा है। मुख्य अभियंता कार्यालय के स्टाफ़ की मिलीभगत से ऎसे गलत ढंग से स्थानांतरण हो रहे हैं। विभाग में षड्यंत्र के तहत हुए ऐसे स्थानांतरणों पर कनिष्ठ कार्मिकों में भारी रोष है। पीड़ित कार्मिकों द्वारा लगातार शिकायती पत्र विभाग के उच्च अधिकारियों व विभागीय मंत्री को भेजे जा रहे हैं।
यह जानकारी अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार यादव ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी है।




