रीच टू ईच अभियान के तहत महासंघ पहुंचा स्थानीय निकाय निदेशालय


दिल्ली में आगामी 3 नवम्बर की महारैली को सफ़ल बनाने की अपील
लखनऊ फोकस ब्यूरो
लखनऊ। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 3 नवम्बर की महारैली को सफ़ल बनाने, पीएफआरडीए को रद्द किये जाने, राज्य व केन्द्र सरकार के प्रत्येक कार्मिक/ शिक्षक को परिभाषित पेंशन योजना ओपीएस के दायरे मे लाये जाने, आठवां वेतन आयोग के लिए समिति करने, स्कीम वर्कर/आउटसोर्सिंग/संविदा व्यवस्था समाप्त करके ऐसे सभी कार्मिक शिक्षक को तत्काल नियमित करने, विभागों में रिक्त पदों को तत्काल वैधानिक निकायों के माध्यम से भरे जाने, कोरोनाकाल में फ्रीज डीए व डीआर को तत्काल जारी किये जाने जैसी मांगों को लेकर शनिवार को स्थानीय निकाय निदेशालय (शहीद पथ) पर विचार गोष्ठी हुयी। विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कृषि विभाग के महामंत्री हेमंत सिंह खड़का ने कहा कि कर्मचारियों के सामने यह समय चुनौतीपूर्ण समय है। उन पर अपनी मांगों के लिए 3 नवम्बर की रैली को सफ़ल बनाने की ज़िम्मेदारी है।
मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष कनोजिया विनोद बुद्धि राम ने सम्बोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों के सामने अपने मान-सम्मान के लिए संघर्ष करने का सही समय है। संविदा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी मुख्य धारा में लाने और नियमित करने की वकालत देश भर में एआईएसजीएफ़ कर रहा है।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए पीडब्लूडी के प्रांतीय महामंत्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार मेहनतकशों के खिलाफ लगातार साजिश कर रही है। इस साजिश को असफल करने का सही समय 3 नवम्बर की दिल्ली रैली है। इसमें शामिल होना होगा।
कृषि विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार से दो-दो हाथ करने का समय है। सरकार जब तक अपने कर्मचारियों और देश के मेहनतकश की जेब को मज़बूत नहीं करेगी, तब तक वह बाजार में खर्च करने लायक कैसे बनेगा, बाजार मे रुपया कैसे जाएगा। देश का आर्थिक ढ़ाचा मजबूत करने के लिए मेहनतकश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है।
मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि दिल्ली के राम लीला मैदान में नवम्बर माह होने जा रही रैली कर्मचारी आंदोलन में मील का पत्थर साबित होगी। इस महारैली में केन्द्र व राज्य सरकार के कर्मचारी शिक्षक आउटसोर्सिंग कार्मिक शामिल होने जा रहे हैं।
विचार गोष्ठी के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलेश मिश्रा ने कहा देश भर के कर्मचारी अपने हक हूकूक के लिए महारैली में पहुँच रहे हैं। महारैली से भी सरकार नहीं चेती तो कर्मचारी समुदाय कड़े फ़ैसले लेने को मजबूर होगा।
विचार गोष्ठी में बड़ी संख्या में स्थानीय निकाय के स्वाती सभागार में कर्मचारी शामिल हुए। गोष्ठी में अमित शाही, विजय कुमार लोधी, अफ़जल फारुकी, आर एस यादव, स्वराज चटर्जी, सिद्धार्थ सिंह, रमन भारद्वाज, आशीष श्रीवास्तव, राधेश्याम यादव, मनीष यादव, आकाश मौर्या मुख्य रूप से शामिल रहे। गोष्ठी का संचालन स्थानीय निकाय निदेशालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संदीप पाण्डे व अध्यक्षता कमलेश मिश्रा ने की। गोष्ठी के अंत में स्थानीय निकाय की शांति सिंह, सुनीता देवी, गुड़िया, सुमन देवी महिला सफाई कार्मिकों को शाल ओढ़ाकर व पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। यह जानकारी महासंघ के ज़िला अध्यक्ष अफ़ीफ़ सिद्दीकी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।




