केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से दिया इस्तीफा, बोले- हमेशा शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा

Lucknow Focus News Desk: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) के पेपर लीक विवाद को लेकर हफ़्तों से चल रहे भारी राजनीतिक गतिरोध और चौतरफा दबाव के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना आधिकारिक इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। इस कदम को देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और छात्रों के आक्रोश को शांत करने की दिशा में सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस्तीफे के पीछे का मुख्य घटनाक्रम
धर्मेंद्र प्रधान का यह इस्तीफा उस समय आया है जब सरकार इस संकट का समाधान निकालने की कोशिशों में जुटी थी। यह इस्तीफा ऐसे समय में हुआ है जब आज ही सरकार और आंदोलन कर रहे संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बीच तीसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता होने वाली थी। संगठन शुरू से ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ था और इसे वार्ता की पहली शर्त बताया था।
महीने में नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद से ही देश भर के छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समूचे विपक्ष द्वारा लगातार प्रदर्शन किए जा रहे थे। राजधानी दिल्ली में बढ़ते तनाव और सरकार की हो रही चौतरफा आलोचना के बीच आखिरकार केंद्रीय मंत्री ने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
धर्मेंद्र प्रधान का आधिकारिक बयान
शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपना त्यागपत्र साझा किया और देश के युवाओं के नाम एक संदेश जारी किया। “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब यह देखना बेहद अहम होगा कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय की कमान किसे सौंपती है। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष और छात्र संगठनों की इस पहली और सबसे बड़ी मांग के पूरे होने के बाद, दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी गतिरोध और आज होने वाली समीक्षा वार्ताओं का रुख क्या रहता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।




