अरविंद केजरीवाल की घोषणा से गरमाई यूपी की राजनीति


DECEMBER 16, 2020
आम आदमी पार्टी बनाएगी विधानसभा चुनाव को दिलचस्प
लखनऊ। आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा 2022 में यूपी का विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा से यूपी की राजनीति गरमा गई है। इसे प्रदेश की सभी पार्टियां अपने-अपने राजनीतिक चश्मे से देख रही हैं। कुछ बोल रही हैं, कुछ चुपचाप आकलन कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी (आप) पहले ही इस बात की घोषणा कर चुकी है कि वह अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव को गंभीरता से लड़ेगी।
भाजपा ऐसा दिखा रही है जैसे कि उसे अरविंद केजरीवाल से कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद उसके कई मंत्री केजरीवाल के खिलाफ उतर आए हैं। सोशल मीडिया पर केजरीवाल की लानत-मलानत अलग से की जा रही है। भाजपा के एक भीतर के सूत्र का कहना है कि पार्टी केजरीवाल को बुरा-भला चाहे जितना कह ले, वह भीतर से उन्हें अपने लिए चुनौती मान रही है। वह कहते हैं कि केजरीवाल और उनकी पार्टी हर दृष्टि से केवल और केवल लाभ में रहेंगे। आम आदमी पार्टी के लिए यूपी में खोने के लिए कुछ नहीं है, जो कुछ मिलेगा वह उसकी उपलब्धि ही होगी।
केजरीवाल की घोषणा से यूपी का चुनाव पहले से अधिक दिलचस्प होने जा रहा है। सभी जानते हैं कि आम आदमी पार्टी का चुनाव प्रबंधन बेजोड़ है। दूसरी तरफ, पंचायत चुनाव लड़कर पार्टी अपना कील-कांटा दुरुस्त कर लेगी। जब तक विधानसभा चुनाव की घोषणा होगी, आम आदमी पार्टी का संगठन गांव-गांव में खड़ा हो चुका होगा।
वहीं कुछ लोग आम आदमी पार्टी को भाजपा के लिए अच्छा मान रहे हैं। इनका कहना है कि आम आदमी पार्टी के चुनाव लड़ने से चुनाव बहुकोणीय हो जाएगा (विपक्ष के बंटे हुए होने से जो पहले से बहुकोणीय है) और भाजपा विरोधी वोट बंट जाने से भाजपा हर दृष्टि से फायदे में रहेगी। ऐसे लोगों का कहना है कि भाजपा के नेता जानबूझकर केजरीवाल की घोषणा पर रिएक्ट कर रहे हैं ताकि जनता के बीच यह संदेश जाए कि भाजपा का मुकाबला आप से है। इससे आप मुकाबले में आ जाएगी। जिसका सीधा नुकसान सपा, बसपा और कांग्रेस को होगा।
पार्टी ने जब से उत्तर प्रदेश में अपने सांसद संजय सिंह को प्रभारी बनाकर भेजा है, वह योगी सरकार को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। उनके साथ सभाजीत सिंह, वैभव माहेश्वरी जैसे जुझारु लोगों की टीम भी है। उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को अपने ट्विटर हैंडल पर यह सूचना देकर यूपी में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है कि मैं 22 दिसंबर को उनके उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया लखनऊ जा रहे हैं। यूपी सरकार के जो मंत्री हमें शिक्षा पर बहस की चुनौती देते हैं, वे उनसे बहस कर लें।
खैर जो भी हो, आने वाले दिनों में यूपी में आम आदमी पार्टी की सफलता काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगी कि पार्टी अपने दिल्ली माडल वाले विकास कार्यों को लेकर जनता को कितना विश्वास में ले पाती है।
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