UP: ट्रेनों के ‘आउटर’ पर रुकने का झंझट होगा खत्म, चारबाग समेत 52 स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों की बढ़ेगी लंबाई

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ के ऐतिहासिक चारबाग रेलवे स्टेशन सहित उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के 52 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेनों के आउटर पर खड़े होने की समस्या अब बीते दिनों की बात हो जाएगी। रेलवे प्रशासन ने 146 प्लेटफॉर्मों की लंबाई बढ़ाने के लिए ₹198 करोड़ का मेगा प्लान तैयार किया है, जिससे लंबी दूरी की 24 बोगियों वाली ट्रेनें आसानी से स्टेशन के भीतर खड़ी हो सकेंगी।
क्यों जरूरी है प्लेटफॉर्मों का विस्तार?
वर्तमान में कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की लंबाई कम होने के कारण 22 से 24 बोगियों वाली ‘फुल रैक’ ट्रेनें पूरी तरह फिट नहीं हो पाती हैं। इसके कई नुकसान होते थे।
ट्रेन की कुछ बोगियां प्लेटफॉर्म से बाहर रह जाती थीं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को कंकड़-पत्थरों के बीच उतरने-चढ़ने में भारी दिक्कत होती थी। पार्सल यान प्लेटफॉर्म के बाहर होने के कारण कई बार कीमती सामान अनलोड किए बिना ही ट्रेन को रवाना करना पड़ता था। प्लेटफॉर्म खाली न होने या छोटा होने के कारण ट्रेनों को घंटों आउटर पर खड़ा रखा जाता था।
चारबाग स्टेशन पर होगा बड़ा बदलाव
लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर दो, तीन, चार और पांच की लंबाई बढ़ाई जाएगी। अभी तक केवल प्लेटफॉर्म नंबर एक ही इतना लंबा है जहाँ फुल रैक ट्रेनें समा सकती हैं। सर्वे के अनुसार, अधिकांश प्लेटफॉर्मों की लंबाई 300 से 500 मीटर तक बढ़ाई जाएगी, जिससे इनकी कुल लंबाई 1200 से 1500 मीटर तक हो जाएगी।
रेलवे बोर्ड का ‘फुल रैक’ निर्देश
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन ट्रेनों में अभी 15 से 18 बोगियां हैं, उन्हें बढ़ाकर 22 से 24 बोगियां किया जाए। क्षमता बढ़ने के कारण प्लेटफॉर्मों का विस्तार अब एक तकनीकी मजबूरी और यात्रियों की जरूरत बन गया है। अप्रैल के अंत से निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
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