UP Weather: उत्तर प्रदेश में फिर बरसे बादल, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरे जोर पर है। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई, जिससे मौसम तो सुहाना हो गया लेकिन कुछ इलाकों में उमस ने लोगों को परेशान भी किया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि 30 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल गरजने और बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी यूपी दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है।
इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना है:
आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, कानपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मीरजापुर और सोनभद्र। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को खुले स्थानों पर न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
इन जिलों में सामान्य बारिश की संभावना
गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, गाज़ीपुर और संत कबीर नगर में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। हालाँकि यहां वज्रपात का कोई विशेष अलर्ट नहीं है।
इन क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना
हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल, कासगंज, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया और सुल्तानपुर में हल्की बारिश के आसार हैं।
इसके अलावा सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, मेरठ, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, देवरिया, गोरखपुर और महाराजगंज में भी कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है।
बारिश का पैटर्न अगले कुछ दिन
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 31 जुलाई से 2 अगस्त के बीच बारिश की तीव्रता थोड़ी कम हो जाएगी, और केवल कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
3 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा, जिससे अच्छी बारिश की संभावना है।
अगले पांच दिनों तक दिन और रात के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन भारी वर्षा वाले जिलों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
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