फाइलेरिया उन्मूलन में यूपी की बड़ी छलांग, 544 ब्लॉक में संक्रमण दर 1% से नीचे आई

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। अपर मुख्य सचिव-स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने राजधानी में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के अंतिम दिन घोषणा की कि राज्य के 51 जिलों के 782 फाइलेरिया प्रभावित ब्लॉकों में से 544 ब्लॉकों (70%) में संक्रमण दर को 1% से नीचे लाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि शेष 238 ब्लॉकों में भी इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं।
2027 तक फाइलेरिया मुक्त यूपी का लक्ष्य
यह उच्चस्तरीय समीक्षा कार्यशाला केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (NCVBDC) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी।
अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों के सहयोग से मिशन मोड में कार्य कर रहा है, जिसका अंतिम लक्ष्य वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाना है। उन्होंने जमीनी स्तर पर निगरानी और नवाचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से कार्यक्रम को मजबूत करने पर जोर दिया।
14 राज्यों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा; 25 स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित
कार्यशाला में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और असम समेत 14 राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
उत्कृष्ट कार्य का सम्मान: एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए विभिन्न जिलों से आए 25 सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों को राष्ट्रीय टीम द्वारा सम्मानित किया गया। इनमें आशा, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), आशा संगिनी और मलेरिया निरीक्षक शामिल थे।
जनआंदोलन की अपील: NCVBDC की निदेशक डॉ. तनु जैन ने अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना की और कार्यक्रम को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों द्वारा प्रतिवर्ष एंटी-फाइलेरिया दवाओं का सेवन सुनिश्चित करना है, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और स्थानीय समुदाय अहम भूमिका निभा रहे हैं।




