मतदाता सूची शुद्धीकरण अभियान शुरू: 12 राज्यों में SIR का आगाज, UP-MP शामिल; तमिलनाडु में DMK ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Lucknow Focus News Desk: देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों सहित कुल 12 क्षेत्रों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण मंगलवार (4 नवंबर, 2025) से शुरू हो गया है। इस कवायद में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे।
SIR का कार्यक्रम
SIR प्रक्रिया 4 नवंबर को गणना चरण के साथ शुरू हुई है और 4 दिसंबर तक चलेगी।
SIR में शामिल क्षेत्र
इस चरण में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी समेत गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में अगले साल (मार्च से मई के बीच) विधानसभा चुनाव होने हैं।
तमिलनाडु में SIR को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
इस बीच, तमिलनाडु में सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक (DMK) ने SIR की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
• याचिकाकर्ता: द्रमुक के संगठन सचिव आरएस भारती।
• चुनौती का आधार: याचिका में चुनाव आयोग की 27 अक्टूबर की अधिसूचना को असांविधानिक, मनमाना और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताया गया है।
• उल्लंघन: द्रमुक ने तर्क दिया है कि SIR, संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 (समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन का अधिकार) के साथ-साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और मतदाता पंजीकरण नियमों का उल्लंघन है।
• संभावित सुनवाई: याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
असम को छूट
SIR के इस चरण से असम को बाहर रखा गया है, क्योंकि वहां नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में अलग से चल रही है, तथा नागरिकता अधिनियम के विशेष प्रावधान लागू होते हैं।




