Indo-Pak Tensions: ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान, कश्मीर के अस्पतालों की छतों पर क्यों बनाए जा रहे रेड क्रॉस के निशान?

Lucknow Focus News Desk: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। 6-7 मई की दरम्यानी रात को की गई इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित कम से कम 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक के बाद एक दो संबोधन दिए-पहले नेशनल असेंबली को और फिर देर रात राष्ट्र के नाम। इन भाषणों में भारत को “जवाबी कार्रवाई” की धमकी दी गई है। इसी बीच भारत-पाक सीमा पर बढ़ते तनाव के मद्देनज़र जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में अस्पतालों की छतों पर रेड क्रॉस के चिन्ह बनाए जा रहे हैं।
रेड क्रॉस का क्या है मतलब?
रेड क्रॉस का निशान कोई साधारण चिह्न नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रतीक है, जिसका प्रयोग आमतौर पर युद्धकाल में स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी भी हवाई हमले या बमबारी के दौरान अस्पताल और उसमें मौजूद चिकित्सा कर्मियों को नुकसान न पहुंचे।
जिनेवा कन्वेंशन के तहत सुरक्षा
यह चिह्न जिनेवा कन्वेंशन के प्रावधानों के तहत आता है, जो युद्ध के समय मानवीय कानूनों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है। इस कन्वेंशन के मुताबिक युद्ध के दौरान अस्पताल, डॉक्टर, नर्स और मरीजों को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षित माना जाता है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, श्रीनगर, अनंतनाग समेत सीमावर्ती जिलों के अस्पतालों की छतों पर यह निशान बनाए जा रहे हैं।
सीजफायर उल्लंघन और जवाबी कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर तनाव बढ़ा है। पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। भारत द्वारा PoK में की गई मिसाइल कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी कई सीमावर्ती इलाकों में गोलाबारी शुरू कर दी है। मौजूदा हालात को देखते हुए किसी भी समय एक और टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या हुआ था पहलगाम में?
22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली थी। भारत ने इस हमले की जिम्मेदारी सीधे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों और वहां की अवैध संरचनाओं पर डाली। भारत सरकार का दावा है कि उसके पास इस हमले के पीछे पाकिस्तान की संलिप्तता के स्पष्ट खुफिया प्रमाण हैं। हालांकि, पाकिस्तान इस आरोप को खारिज करता रहा है और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग कर रहा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर है। भारत की ओर से लिए गए निर्णायक एक्शन के बाद अब कश्मीर में सुरक्षा के उपाय तेज़ कर दिए गए हैं। रेड क्रॉस जैसे प्रतीक इस बात के संकेत हैं कि सीमा पार किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।