विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026: सिर्फ शराब नहीं, आपकी ये खराब आदतें भी बना रही हैं लिवर को बीमार, जानें बचाव के अचूक उपाय

Lucknow Focus News Desk: आज पूरी दुनिया में ‘विश्व हेपेटाइटिस दिवस’ मनाया जा रहा है। आधुनिक दौर की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती जीवनशैली (लाइफस्टाइल) का सबसे बुरा असर हमारे लिवर की सेहत पर पड़ रहा है। भारत के महानगरों में लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी ‘फैटी लिवर’ का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। अक्सर यह माना जाता है कि लिवर की बीमारी सिर्फ शराब पीने से होती है, लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खराब खानपान, मोटापा, डायबिटीज, शारीरिक निष्क्रियता और हेपेटाइटिस वायरस के कारण भी बड़ी संख्या में वे लोग लिवर की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं जो शराब को हाथ तक नहीं लगाते।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सही आदतों को अपनाकर और नियमित जांच से लिवर को पूरी तरह स्वस्थ रखा जा सकता है।
हेपेटाइटिस से बचाव के 6 सुनहरे नियम
टीकाकरण (Vaccination): हेपेटाइटिस A और B के संक्रमण से बचने के लिए इसका टीका जरूर लगवाएं। यह बचाव का सबसे असरदार तरीका है।
स्वच्छ खानपान: दूषित पानी और बाहर के अस्वच्छ भोजन से बचें। हमेशा साफ व सुरक्षित भोजन का ही सेवन करें।
हाथों की स्वच्छता: भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत डालें।
निजी चीजों को न करें शेयर: दूसरों के रेजर, टूथब्रश, नेल कटर या सुई (सिरिंज) का इस्तेमाल भूलकर भी न करें।
सुरक्षित संबंध: हेपेटाइटिस B असुरक्षित शारीरिक संबंधों से भी फैलता है, इसलिए सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
दवाओं का सीमित उपयोग: बिना डॉक्टरी सलाह के अत्यधिक दर्द निवारक (पेनकिलर्स) या एंटीबायोटिक दवाएं न लें, यह लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं।
किसे करानी चाहिए जांच?
हेपेटाइटिस B और C कई बार सालों तक बिना किसी लक्षण के शरीर में छिपे रहते हैं। ऐसे में ब्लड ट्रांसफ्यूजन करा चुके लोगों, डायलिसिस के मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों, गर्भवती महिलाओं, या जिनके लिवर एंजाइम पहले से खराब हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर जांच जरूर करानी चाहिए। इसके अलावा लंबे समय तक थकान, पीलिया (जॉन्डिस), भूख न लगना या बार-बार उल्टी जैसा महसूस होने पर तुरंत जांच कराएं।
लिवर को फौलादी रखने के दैनिक नियम
लिवर को हमेशा स्वस्थ रखने के लिए घर का बना संतुलित भोजन करें, जिसमें फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों। रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलें या व्यायाम करें। वजन, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। यदि समय रहते फैटी लिवर पर ध्यान न दिया जाए, तो यह आगे चलकर फाइब्रोसिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का रूप ले सकता है।
(नोट: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम या उपचार को शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।)
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