World Malaria Day 2025: जानिए मलेरिया के गंभीर लक्षण और कैसे बन जाती है ये बीमारी जानलेवा

मलेरिया एक सामान्य बुखार की तरह लग सकता है, लेकिन जब यह बीमारी गंभीर रूप लेती है, तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, ताकि इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके और समय रहते इलाज की अहमियत को समझाया जा सके।
मलेरिया की शुरुआत आमतौर पर ठंड लगकर तेज बुखार आने से होती है, जो कुछ घंटों बाद पसीने के साथ उतर जाता है। लेकिन अगर समय पर इलाज न मिले, तो यही बीमारी जानलेवा बन सकती है।
दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुभाष गिरी बताते हैं कि गंभीर मलेरिया में मरीज को सांस लेने में कठिनाई, शरीर में खून की कमी, और भ्रम की स्थिति जैसे लक्षण नजर आते हैं। साथ ही, ब्लड शुगर लेवल अचानक गिर सकता है, जिससे मरीज बेहोशी या कोमा में भी जा सकता है।
गंभीर मलेरिया के खतरनाक लक्षण
- तेज सांस फूलना या सांस लेने में तकलीफ
- अत्यधिक कमजोरी और थकावट
- पीलिया (जॉन्डिस) के लक्षण
- ब्लड शुगर का गिरना और चक्कर आना
- दिमागी सूजन और दौरे पड़ना
- किडनी फेलियर का खतरा
- शरीर के अंदरूनी हिस्सों में रक्तस्राव
कैसे करें पहचान और क्या बरतें सावधानी
गंभीर मलेरिया की स्थिति में मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना अनिवार्य है। कई बार घर पर इलाज की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है। यदि मरीज को सांस लेने में ज्यादा परेशानी हो रही है या वह बेहोशी की स्थिति में पहुंच रहा है, तो तुरंत मेडिकल इमरजेंसी समझते हुए डॉक्टर की मदद लें।
डॉ. गिरी का कहना है कि अगर मरीज को समय रहते इलाज मिल जाए, तो गंभीर मलेरिया से भी बचा जा सकता है। लेकिन देरी करने पर यह बीमारी न सिर्फ किडनी फेलियर, बल्कि ब्रेन डैमेज जैसी जटिलताओं का कारण बन सकती है।
कैसे करें बचाव?
मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं – मच्छरदानी, क्रीम और फॉगिंग आदि
- साफ-सफाई का ध्यान रखें, पानी जमा न होने दें
- बुखार आने पर देरी न करें – तुरंत जांच कराएं
- मलेरिया की पुष्टि होते ही इलाज शुरू करवाएं
मलेरिया एक पूरी तरह से रोकथाम योग्य और इलाज योग्य बीमारी है। लेकिन लक्षणों की अनदेखी और इलाज में देरी इसे खतरनाक बना देती है। World Malaria Day 2025 पर यही संदेश है — “समय रहते पहचानिए, सतर्क रहिए, और मलेरिया को गंभीर होने से पहले ही मात दीजिए।”




