शेयर बाजार में हाहाकार: 9 दिनों में निवेशकों के ₹26.77 लाख करोड़ डूबे, सेबी चीफ ने की ये अपील

Lucknow Focus News Desk: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। इस अनिश्चितता के माहौल में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने निवेशकों, विशेषकर खुदरा निवेशकों से संयम बरतने की अपील की है।
बाजार में तबाही: आंकड़ों की जुबानी
ईरान पर हमले के बाद से भारतीय बाजार में बिकवाली का ऐसा दौर चला कि निवेशकों की पूंजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। 2 मार्च से 13 मार्च के बीच मात्र 9 दिनों में BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹26,77,263.69 करोड़ घट गया। 28 मार्च (ईरान पर हमला) के बाद 2 मार्च को बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। इसके बाद होली और साप्ताहिक छुट्टियों के बावजूद बाजार संभल नहीं सका। पिछले 9 कारोबारी दिनों में निवेशकों के लगभग ₹26.77 लाख करोड़ स्वाहा हो चुके हैं।
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय का मुख्य संदेश
सेबी प्रमुख ने निवेशकों को घबराहट में फैसले न लेने की सलाह देते हुए कहा कि अनिश्चित समय में ‘धैर्य’ बनाए रखना ही सबसे अच्छी निवेश रणनीति है। उन्होंने कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए याद दिलाया कि बाजार में उतार-चढ़ाव एक सामान्य विशेषता है और अंततः बाजार स्थिर हो जाते हैं। सेबी चीफ ने भरोसा दिलाया कि भारतीय पूंजी बाजार की ताकत इसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता में है। यदि संस्थान मजबूत रहेंगे, तो बाजार इस संकट से और भी मजबूत होकर उभरेगा।
बाजार में अस्थिरता के कारण
इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार (Oil Market) में अनिश्चितता। एआई (AI) को अपनाने और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बदलाव का दबाव। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।
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