विश्व पटल पर गूंजेगी हिन्दी: ‘हिंदी साहित्य भारती’ की निर्णायक समिति की बैठक संपन्न
37 देशों में फैला संगठन, अब मॉरीशस में सांस्कृतिक संवर्धन की तैयारी, 'मानव बन जाए जग सारा' के संकल्प के साथ होटल 'द मारवलस' में जुटे देश-विदेश के दिग्गज साहित्यकार और चिन्तक

Lucknow Focus News Desk: भारतीय जीवन मूल्यों की पुनर्प्रतिष्ठापना और विश्वबंधुत्व की भावना को वैश्विक स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से कार्यरत अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘हिंदी साहित्य भारती’ (पंजीकृत न्यास) की राष्ट्रीय निर्णायक मंडल कोर समिति की एक दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आज स्थानीय होटल ‘द मारवलस’ के सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। वर्ष 2020 से “मानव बन जाए जग सारा, यह पावन संकल्प हमारा” के ध्येय वाक्य के साथ सक्रिय यह संस्था अब अपने विस्तार के नए चरणों की ओर अग्रसर है।
चार सत्रों में भविष्य की रूपरेखा तय
अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में चार विभिन्न सत्रों के दौरान संगठन की मजबूती के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
संगठन विस्तार: प्रभावी सदस्यता अभियान, विविध प्रकोष्ठों के गठन और वार्षिक कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर चर्चा हुई।
आर्थिक सुदृढ़ीकरण: सभी प्रदेश इकाइयों के बैंक खाते खोलने और निधि संग्रह अभियान की रूपरेखा तैयार की गई।
अंतरराष्ट्रीय प्रवास: फिजी और नेपाल की सफल यात्रा के बाद, आगामी 10 जून से संस्था का 30 सदस्यीय शिष्टमंडल एक सप्ताह की मॉरीशस यात्रा पर जाएगा।
शिर्डी अधिवेशन और सात सदस्यीय समिति
संस्था का पांचवां अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन आगामी 16, 17 व 18 मई 2026 को शिर्डी (महाराष्ट्र) में आयोजित होना निश्चित हुआ है। इस महाधिवेशन की सफलता और महाराष्ट्र इकाई के साथ बेहतर समन्वय के लिए एक सात सदस्यीय विशेष समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वरिष्ठ प्रचारक लक्ष्मीनारायण भाला का मार्गदर्शन
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक लक्ष्मीनारायण भाला ने संगठनात्मक बिंदुओं पर गहन चर्चा करते हुए सदस्यों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने हिंदी के माध्यम से भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया।
इन दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति
बैठक का संचालन अंतरराष्ट्रीय महासचिव रामनिवास शुक्ल ने किया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए कई विद्वान शामिल हुए, जिनमें प्रमुख हैं।
आचार्य देवेन्द्र देव (प्रकांड गीतकार)
डॉ. रमा (प्राचार्या, हंसराज कॉलेज, दिल्ली)
डॉ. राजीव शर्मा (सेवानिवृत्त IAS)
महर्षि शैलेश्वर स्वामी (गुजरात), डॉ. संजय झा, प्रो. विनोद मिश्र (संगठन महामंत्री) सहित अन्य गणमान्य सदस्य।




