48.2°C पारे के साथ बांदा एशिया में सबसे गर्म, 11 जिलों में लू का ‘रेड अलर्ट’, स्वास्थ्य विभाग हाई मोड पर

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश इस समय भीषण और जानलेवा नौतपा जैसी तपिश की चपेट में है। बुंदेलखंड का बांदा जिला इस समय न सिर्फ देश, बल्कि पूरे एशिया महाद्वीप का सबसे गर्म इलाका बन गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बांदा में लगातार दूसरे दिन आसमान से आग बरसी और यहां का अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में लू का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
पारा 45°C के पार, रातें भी हुईं बेहद गर्म
बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में सूरज के तेवर बेहद तल्ख हैं। बांदा के अलावा झांसी, आगरा, प्रयागराज और उरई जैसे जिलों में भी पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक भीषण लू (Severe Heat Wave) की यही परिस्थितियां बनी रहेंगी। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रातें भी सामान्य से काफी ज्यादा गर्म रहने वाली हैं, जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में ‘उष्ण रात्रि’ (Warm Night) कहा जाता है।
इन इलाकों में ‘उष्ण रात्रि’ की चेतावनी
शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद और इसके आस-पास के क्षेत्र।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सख्त निर्देश; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
मौसम की इस भयंकर तपिश को देखते हुए सूबे के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य महकमे को तुरंत अलर्ट मोड पर डाल दिया है। उन्होंने सभी मंडलीय, जिला, संयुक्त, शहरी एवं ग्रामीण अस्पतालों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों को निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त बेड और दवाएं: गर्मी और लू की चपेट में आने वाले संभावित मरीजों के लिए अस्पतालों में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए जाएं और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रहे।
पेयजल और कूलर: अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए ठंडे पेयजल, छाया, पंखे और कूलर की पुख्ता व्यवस्था हो।
अस्पतालों से समन्वय: जिन जिलों में निजी मेडिकल कॉलेज या केंद्र सरकार के अस्पताल हैं, वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को आपस में बेहतर समन्वय बनाने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की आम जनता को सलाह: दोपहर 12 से 4 बजे तक बचें
इस जानलेवा गर्मी में विशेषकर बुजुर्गों, गंभीर मरीजों और बच्चों को खास एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी करते हुए लोगों से अपील की है।
धूप से बचें: दोपहर 12:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक बहुत जरूरी न होने पर तेज धूप में बाहर न निकलें।
हाइड्रेटेड रहें: शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस (ORS) के घोल का सेवन करते रहें।
सही पहनावा: बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती (कॉटन) कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।
लक्षण दिखने पर तुरंत कदम उठाएं: यदि अचानक चक्कर आने, उल्टी होने, तेज सिरदर्द या तेज बुखार जैसी समस्या महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल का रुख करें।




