लखनऊ के विद्वानों का वैश्विक मंच पर सम्मान: डॉ. कुद्दूस हाशमी सहित 4 विभूतियों को मिला ‘नार्वे से प्रेमचंद अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2026’
Lucknow Focus News Desk: साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लखनऊ के चार प्रख्यात विद्वानों और कलाकारों को एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया गया है। ‘भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम, नार्वे’ द्वारा आयोजित एक डिजिटल संगोष्ठी में इन विभूतियों को ‘प्रेमचंद अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2026’ से नवाजा गया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की घोषणा प्रेमचंद अंतरराष्ट्रीय सम्मान समिति के अध्यक्ष एवं फोरम के प्रमुख सुरेश चन्द्र शुक्ला ने की।
इन चार श्रेणियों में मिला सम्मान
साहित्य आलोचना (Literature Criticism): डॉ. प्रो. रीता चौधरी (लखनऊ विश्वविद्यालय)
साहित्य और सद्भावना (Literature & Goodwill): डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी (महासचिव, मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ)
रंग सम्मान (Theatre/Arts): श्री राजा अवस्थी
रंग सम्मान (Theatre/Arts): श्रीमती चित्रा मोहन
क्या है ‘भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम’?
यह नार्वे में स्थित एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था है, जो भारत और नार्वे के साथ-साथ विभिन्न देशों की संस्कृतियों के बीच एक मजबूत सेतु (पुल) बनाने का कार्य करती है। यह फोरम सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सेमिनार, लेखक गोष्ठियों, कला प्रदर्शनियों, नाटकों, फिल्मों और वैचारिक संवादों के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बनाता है।
इतिहास
इस फोरम की स्थापना वर्ष 1988 में ओस्लो (नार्वे की राजधानी) में भारतीय और नार्वेजीय लेखकों तथा भारतीय दूतावास के साझा सहयोग से हुई थी। तब से यह संस्था लगातार वैश्विक स्तर पर भारतीय कला और साहित्य को बढ़ावा दे रही है।




