मौसम की मार झेल रहे किसानों को मिलेगा मुआवजा, सीएम योगी ने दिए तत्काल राहत के आदेश

उत्तर प्रदेश में बदले मौसम ने एक बार फिर कहर बरपाया है। प्रदेश के कई जिलों में झोंकेदार हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम के इस अचानक बदलाव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत कार्यों में पूरी तत्परता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि संबंधित अधिकारी क्षेत्रीय भ्रमण कर फसलों और जन-धन की क्षति का सर्वेक्षण करें और तत्काल राहत कार्य शुरू करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आपदा के कारण अगर किसी की मृत्यु या पशुहानि होती है, तो प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत राशि दी जाए और घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए।
फसलों को भारी नुकसान, आम की फसल भी प्रभावित
शनिवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में तेज हवाओं और हल्की बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। खेतों में खड़ी और कटी फसलें बारिश और आंधी की चपेट में आ गईं। तेज हवाओं से आम की बौर को भी नुकसान हुआ है, जिससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। मुरादाबाद में तेज हवाओं की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जबकि राजधानी लखनऊ में सुबह के समय धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुरू हुई इस बारिश का असर अब पूर्वांचल तक भी पहुंच गया है।
पूर्वांचल के कई जिलों में भी असर
बस्ती, अयोध्या, बलरामपुर, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी और बाराबंकी जैसे जिलों में बूंदाबांदी और तेज हवाएं देखने को मिलीं। मौसम विभाग के अनुसार, मेरठ में शनिवार को सबसे अधिक 62 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीतापुर में 30 मिमी वर्षा हुई। आगरा, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में बारिश अपेक्षाकृत कम रही।
मौसम विभाग का अलर्ट
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 20 अप्रैल को भी प्रदेश के तराई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि 21 अप्रैल यानी सोमवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है और तापमान में वृद्धि के साथ गर्मी दोबारा लौटेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जहां जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी की व्यवस्था की जाए। साथ ही, फसल नुकसान का विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, ताकि समय रहते मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जा सके।




