AAP का लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन, ‘फूले’ फिल्म पर सेंसर बोर्ड की रोक के खिलाफ नारेबाजी

महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित फिल्म ‘फूले’ को सेंसर बोर्ड द्वारा रिलीज से रोके जाने के विरोध में आज राजधानी लखनऊ में आम आदमी पार्टी (आप) ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जीपीओ हजरतगंज पर जोरदार नारेबाजी की, जिसमें “ज्योतिबा फुले अमर रहें” और “सेंसर बोर्ड मुर्दाबाद” के नारे लगाए गए।
आम आदमी पार्टी के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रशासन ने जिला अध्यक्ष इरम रिजवी को सुबह हाउस अरेस्ट कर लिया।
विनय पटेल ने कहा, “यह सेंसरशिप केवल एक फिल्म पर नहीं, बल्कि पूरे दलित आंदोलन और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर हमला है। जब ‘कश्मीर फाइल्स’ और ‘केरल स्टोरी’ जैसी फिल्में सरकार के समर्थन से प्रचारित होती हैं, तब ‘फूले’ जैसी ऐतिहासिक और प्रेरणादायक फिल्म को रोकना एक सोची-समझी साज़िश है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना भारतीय जनता पार्टी की दोगली नीति को उजागर करती है। “वे संविधान और बाबा साहेब के दलित अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन जब कोई फिल्म समाज के शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाती है, तो उसे सेंसरशिप के बहाने रोका जाता है।”
इरम रिजवी ने कहा, “यह फिल्म उन महान समाज सुधारकों की विरासत को दबाने की कोशिश है जिन्होंने देश में समानता और शिक्षा की लड़ाई लड़ी। फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा 16 कट्स लगाने के बाद रिलीज़ होने से रोक दिया गया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।”
विरोध प्रदर्शन में पार्टी के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, वरिष्ठ नेता प्रिंस सोनी, शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह, मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे और अन्य शामिल थे। आम आदमी पार्टी ने यह स्पष्ट किया कि वे इस मामले में चुप नहीं रहेंगे और सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे को उठाएंगे।




