घाटी में आतंकी धमकी के बाद बड़ा फैसला: 20 अगस्त तक कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की छुट्टी, स्टेडियम ड्यूटी से भी मुक्त

Lucknow Focus News Desk: कश्मीर घाटी में मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों, टारगेट किलिंग के खतरे और कश्मीरी पंडित व अन्य अल्पसंख्यक कर्मचारियों की चिंताओं को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। श्रीनगर में कार्यरत पीएम पैकेज, नॉन-पीएम पैकेज और प्रवासी कर्मचारियों को 20 अगस्त 2026 तक कार्यालयों में भौतिक उपस्थिति (फिजिकल अटेंडेंस) से विशेष राहत दी गई है। इसके साथ ही उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्टेडियम में होने वाले आधिकारिक समारोह की ड्यूटी से भी मुक्त रखा गया है।
2,800 कर्मचारियों को राहत और मौखिक निर्देश
श्रीनगर में लगभग 2,800 कर्मचारियों को सुरक्षा चिंताओं के बीच यह छूट प्रदान की गई है। इस संबंध में फिलहाल कोई औपचारिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों, विभागाध्यक्षों और ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग अधिकारियों (DDOs) को मौखिक निर्देश दिए गए हैं ताकि कर्मचारियों को तत्काल राहत मिल सके और उन्हें विभागीय स्तर पर किसी परेशानी या भ्रम का सामना न करना पड़े।
श्रीनगर एम्प्लॉइज कलेक्टिव का पत्र और मांग
यह फैसला श्रीनगर एम्प्लॉइज कलेक्टिव की ओर से जिला उपायुक्त अक्षय लबरू को भेजे गए एक पत्र के बाद लिया गया है। कर्मचारी संगठन ने घाटी में पूर्व में हुई लक्षित हत्याओं (Targeted Killings) का हवाला देते हुए सुरक्षा जोखिमों के कारण 25 अगस्त तक कार्यालय आने से छूट और स्टेडियम ड्यूटी से राहत देने का अनुरोध किया था।
प्रशासन ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल 20 अगस्त तक भौतिक उपस्थिति से राहत देने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों का जम्मू पलायन
एक पीएम पैकेज कर्मचारी के अनुसार, इन मौखिक निर्देशों के बाद बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित कर्मचारी अपने परिवारों के साथ जम्मू के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, जिन कर्मचारियों के बच्चे घाटी में पढ़ाई कर रहे हैं, उनमें से कुछ अभी वहीं रुके हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यह निर्णय मौजूदा परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा को लेकर पैदा हुए तनाव को कम करने में मददगार साबित होगा।
‘कश्मीर फाइट’ की धमकी भरे पोस्ट की पुलिस जांच
इसी बीच, सोशल मीडिया पर ‘कश्मीर फाइट’ नाम के एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से कश्मीरी पंडितों और प्रवासी कर्मचारियों को लेकर धमकी भरा संदेश प्रसारित होने का मामला सामने आया है। पोस्ट में हिंसा और लोगों को निशाना बनाने जैसी बातें कही गई हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस वायरल पोस्ट की प्रामाणिकता, स्रोत और किसी आतंकी संगठन से इसके संभावित संबंधों की गहन जांच कर रही हैं। पुलिस प्रशासन ने फिलहाल इस पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, और जांच पूरी होने तक इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।




