18वां ब्रिक्स सम्मेलन: ‘भारत मंडपम’ में 21 देशों के प्रतिनिधि मौजूद, पीएम मोदी करेंगे द्विपक्षीय वार्ता

Lucknow Focus News Desk: राजधानी नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया भर के दिग्गजों का जमावड़ा शुरू हो चुका है। सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो समेत 21 देशों के शीर्ष प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच चुके हैं।
इस ऐतिहासिक महासम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
8 साल बाद ईरानी राष्ट्रपति का भारत दौरा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। पिछले आठ वर्षों में किसी ईरानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। वह आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
वैश्विक नेताओं और दिग्गजों की प्रतिक्रियाएं
हिमंत बिस्व सरमा (असम के मुख्यमंत्री): उन्होंने कहा कि वैश्विक तनाव (विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य संकट) के बीच दुनिया को शांति और स्थिरता की ओर ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी ब्रिक्स के कंधों पर है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में यह सम्मेलन मील का पत्थर साबित होगा।
अभय कुमार सिंह (रूसी विधायक, भारतीय मूल): उन्होंने कहा कि ब्रिक्स कोई युद्ध का मंच नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला माध्यम है। जब कई देश सीमा पर दीवारें बना रहे हैं, तब ब्रिक्स देश नए पुलों का निर्माण कर रहे हैं।
रविशंकर प्रसाद (बीजेपी नेता): आईएमएफ द्वारा भारत की विकास दर की सराहना का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष पर हमला बोला और कहा कि जहां पूरा विश्व भारत का लोहा मान रहा है, वहीं विरोधी दल सम्मेलन के औचित्य पर सवाल उठा रहे हैं।




