उत्तर प्रदेश

खेलों में भी मिले SC/ST को आरक्षण: बाराबंकी में उठी मांग, SC/ST आयोग ने केंद्र को लिखा पत्र

Lucknow Focus News Desk: खेल संगठनों और ओलंपिक संघों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण लागू करने की मांग अब जोर पकड़ रही है। इस मुद्दे पर बाराबंकी जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल सेवा समिति ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत को ज्ञापन सौंपा था, जिस पर अब आयोग ने खुद कार्रवाई की है।

‘आरक्षण न होने से प्रतिभावान खिलाड़ी निराश’

SC/ST आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने भारत सरकार के खेल मंत्री और सचिव के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री को भी एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि आरक्षण न होने के कारण अनुसूचित जाति और जनजाति के प्रतिभावान खिलाड़ियों को हर स्तर पर निराशा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि जनपद से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सभी तरह के खेल संगठनों और ओलंपिक संघों में आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए।

क्यों उठी आरक्षण की मांग?

इस अभियान की शुरुआत 23 जुलाई को समाजसेवी देव कुमार गुप्ता और रत्नेश कुमार ने की थी। उन्होंने आयोग को दिए अपने ज्ञापन में बताया था कि खेल संघों में आरक्षण न होने के कारण इन समुदायों के युवाओं का प्रतिनिधित्व लगभग न के बराबर है। इसी वजह से उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए जरूरी प्रोत्साहन नहीं मिल पाता है। आयोग ने इस ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए, अब इस मामले पर संबंधित मंत्रियों से कार्रवाई की मांग की है।

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