हेल्थ एंड वेलनेस

लिम्फैटिक वॉकिंग: क्या यह सूजन और ब्लोटिंग को कम करने में वाकई मददगार है?

Lucknow Focus News Desk: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘लिम्फैटिक वॉकिंग’ (Lymphatic Walking) नाम का एक नया फिटनेस ट्रेंड काफी वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह सामान्य टहलने से ज्यादा फायदेमंद है और शरीर की सूजन व पेट फूलने (ब्लोटिंग) को तेजी से दूर करती है। आइए जानते हैं कि इस तकनीक के पीछे का डॉक्टरी सच क्या है।

क्या होती है लिम्फैटिक वॉकिंग?

लिम्फैटिक वॉकिंग कोई कठिन कसरत नहीं है, बल्कि यह सामान्य टहलने का ही एक रूप है जिसमें तीन चीजों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

सही बॉडी पॉश्चर (मुद्रा): रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधा रखना।

गहरी सांस लेना: चलते समय लयबद्ध तरीके से गहरी सांसें खींचना और छोड़ना।

हाथों का मूवमेंट: पैरों की चाल के साथ हाथों को ज्यादा स्विंग (झुलाना) करना।

शरीर की सूजन (Swelling) पर इसका असर

हमारे शरीर में लिम्फैटिक सिस्टम (Lymphatic System) तरल पदार्थों के संतुलन और इम्युनिटी को बनाए रखता है। हृदय की तरह इसमें कोई पंपिंग ऑर्गन नहीं होता, इसलिए जब हम चलते हैं और गहरी सांस लेते हैं, तो मांसपेशियों के खिंचाव से लिम्फ फ्लूइड का बहाव बेहतर होता है।

सच: यह पैरों और शरीर के निचले हिस्से में फ्लूइड जमा होने से रोक सकती है, लेकिन यह हर तरह की सूजन का इलाज नहीं है।

सावधानी: यदि पैरों या पेट में लगातार सूजन बनी रहती है, तो यह लिवर, किडनी, नसों या गंभीर मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकती है। इसके लिए केवल वॉकिंग पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

पेट की गैस और ब्लोटिंग (Bloating) पर प्रभाव

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के दृष्टिकोण से, ब्लोटिंग का कारण आंतों में गैस बनना, कब्ज, खराब पाचन या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) होता है।

चिकित्सकीय सच: फिलहाल ऐसा कोई क्लिनिकल प्रमाण नहीं है कि ‘लिम्फैटिक वॉकिंग’ विशेष रूप से ब्लोटिंग मिटाती है। खाना खाने के बाद 10-15 मिनट की हल्की वॉक आंतों की गतिशीलता (Gastrointestinal Motility) को बढ़ाती है, जिससे फंसी हुई गैस बाहर निकलती है और पेट का भारीपन कम होता है।

यह सीधे तौर पर शरीर से ‘टॉक्सिन’ बाहर निकालने या रातों-रात पेट की चर्बी कम करने का कोई चमत्कारी जरिया नहीं है।

पाचन और स्वास्थ्य सुधारने के सरल उपाय

खाना खाने के बाद 10-15 मिनट की सामान्य वॉक करें।

दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

भोजन धीरे-धीरे और अच्छे से चबाकर खाएं।

(नोट: यदि पेट में लगातार सूजन, तेज दर्द, बिना कारण वजन कम होना, उल्टी या मल में खून आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।)

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