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सावधान! सर्दियों की सुबह क्यों आता है ज्यादा हार्ट अटैक? जानिए बचाव के उपाय

Lucknow Focus News Desk: कड़ाके की ठंड न केवल वातावरण को ठंडा करती है, बल्कि हमारे हृदय के लिए भी बड़ी चुनौती पेश करती है। दिल्ली एम्स (AIIMS) समेत कई शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि गर्मियों की तुलना में सर्दियों में, और विशेषकर सुबह के समय, हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों ने इसके पीछे के जैविक कारणों और बचाव के तरीकों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

सुबह के समय ही ज्यादा खतरा क्यों?

सर्दियों की सुबह शरीर में कई बदलाव होते हैं जो हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं:

  • नसों का सिकुड़ना (Vasoconstriction): कम तापमान के कारण शरीर की रक्त वाहिकाएं (veins) सिकुड़ जाती हैं।
  • इससे रक्त संचार में बाधा आती है और हृदय को पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
  • सुबह उठते समय शरीर का ब्लड प्रेशर (BP) प्राकृतिक रूप से बढ़ता है। ठंड में यह उछाल और भी तेज हो जाता है।
  • सुबह के समय शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) और एड्रेनालिन (Adrenaline) जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे हार्ट रेट और रक्तचाप बढ़ जाता है।
  • ठंड में खून के थक्के (Blood Clots) बनने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे आर्टरीज में मौजूद ‘प्लाक’ टूटने और ब्लॉक करने का जोखिम बढ़ जाता है।

हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण

यदि सुबह के समय इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें।

  • सीने में भारीपन: छाती के बीचों-बीच दबाव या जकड़न महसूस होना।
  • दर्द का फैलना: दर्द का छाती से शुरू होकर बाएं हाथ, गर्दन या जबड़े (Jaw) तक जाना।
  • सांस फूलना: बिना किसी भारी काम के भी सांस लेने में तकलीफ होना।
  • एसिडिटी का भ्रम: पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या जलन, जो गैस की दवा लेने के बाद भी ठीक न हो।
  • अत्यधिक पसीना: ठंड के बावजूद अचानक पसीना आना या घबराहट होना।

किन लोगों को है सबसे ज्यादा जोखिम?

डॉक्टर्स के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों के लोगों को सर्दियों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए:

  • जिन्हें पहले से हाई बीपी या डायबिटीज है।
  • जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है।
  • बुजुर्ग व्यक्ति (विशेषकर 60 वर्ष से अधिक)।
  • धूम्रपान करने वाले या शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने वाले लोग।

बचाव के कारगर तरीके

  • खुद को गर्म रखें: बाहर निकलते समय सिर, कान और छाती को अच्छी तरह ढकें। सीधे ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें।
  • इंडोर एक्सरसाइज: बहुत सुबह कड़ाके की ठंड में वॉक (Walk) पर जाने के बजाय घर के अंदर ही हल्का व्यायाम या योग करें।
  • खान-पान में सुधार: डाइट में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें। अधिक नमक और सैचुरेटेड फैट (ज्यादा तेल-घी) से बचें।
  • नियमित जांच: सर्दियों में अपने ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल की लगातार निगरानी करें।

दवाओं में लापरवाही न करें: यदि आप बीपी या हार्ट की दवा लेते हैं, तो उसे समय पर लें और बिना डॉक्टर की सलाह के खुराक न बदलें।

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