सावधान: सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है खर्राटों की समस्या? जानें इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण और बचाव के उपाय

Lucknow Focus News Desk: सर्दियों की रातें लंबी और सुकून भरी होती हैं, लेकिन कई लोगों के लिए यह मौसम खर्राटों की समस्या लेकर आता है। एक अध्ययन के अनुसार, कड़ाके की ठंड में ‘खर्राटों के इलाज’ के बारे में इंटरनेट सर्च बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि इसके पीछे ठोस पर्यावरणीय और शारीरिक कारण हैं।
सर्दियों में खर्राटे बढ़ने के 5 मुख्य कारण
शुष्क हवा और नाक में सूजन: जैसे ही तापमान गिरता है, हवा में नमी कम हो जाती है। यह शुष्क हवा श्वसन मार्ग की झिल्ली को प्रभावित करती है, जिससे नाक के रास्ते में सूजन आ जाती है और कफ गाढ़ा होने लगता है। हवा का रास्ता संकरा होने से गले के ऊतकों में कंपन (खर्राटे) बढ़ जाता है।
रूम हीटर का दुष्प्रभाव: ठंड से बचने के लिए चलाया गया हीटर कमरे की प्राकृतिक नमी सोख लेता है। इससे गला और नाक सूख जाते हैं, जिससे खर्राटों की तीव्रता बढ़ जाती है।
जुकाम और साइनस: सर्दियों में सर्दी-जुकाम आम है। नाक बंद होने पर व्यक्ति मुंह से सांस लेता है, जिससे गले का पिछला हिस्सा अधिक कंपन करता है।
वेंटिलेशन की कमी और भारी रजाई: बंद कमरों में क्रॉस-वेंटिलेशन कम होता है। साथ ही, भारी रजाई या कंबलों के वजन से छाती का विस्तार पूरी तरह नहीं हो पाता, जिससे सांस लेने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
शारीरिक सक्रियता में कमी: ठंड में एक्सरसाइज कम होने से वजन बढ़ने लगता है। गले के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी सोते समय सांस की नली पर दबाव डालती है।
बीमारियों का संकेत: ‘स्लीप एपनिया’
विशेषज्ञों के अनुसार, खर्राटों को केवल शोर मानकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यह ‘ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया’ का संकेत हो सकता है।
लक्षण: सोते समय अचानक सांस रुकना, बार-बार नींद खुलना या सुबह सिर में भारीपन महसूस होना।
जोखिम: लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करने से हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज, स्ट्रोक और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
राहत पाने के आसान उपाय
ह्यूमिडिफायर का उपयोग: कमरे में नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर चलाएं या कोने में पानी से भरा कटोरा रखें।
भाप लेना: सोने से पहले गर्म पानी की भाप लें और साइनस होने पर डॉक्टर की सलाह से नेजल स्प्रे का उपयोग करें।
सोने की स्थिति: पीठ के बल सोने के बजाय करवट लेकर सोने से श्वसन मार्ग खुला रहता है।




