उत्तर प्रदेश

फटकार: आगरा में गड्ढा मुक्ति अभियान फ्लाप, अधिकारियों पर बरसे मंत्री

गुणवत्ताहीन और औपचारिक बनकर रह गया अभियान: जितिन प्रसाद
नाराज लोक निर्माण मंत्री बोले, सबकी तय होगी जवाबदेही, कोई बख्शा नहीं जायेगा

आगरा। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु प्रस्तावित कार्य योजनाएं, निर्माणाधीन कार्यों तथा गड्ढा मुक्ति अभियान की समीक्षा बैठक सर्किट हाउस में हुई। बैठक में मंत्री ने कहा कि गड्ढा मुक्ति अभियान पूर्णतः शिथिल, गुणवत्ताहीन तथा औपचारिक मात्र बनकर रह गया है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सबकी जवाबदेही तय होगी कोई बख्शा नहीं जायेगा।

30 नवम्बर तक गड्ढा मुक्ति को करें दिन-रात कार्य
मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अभी सुधार करने का समय है। गड्ढा मुक्ति के लिये धन की कोई कमी नहीं है, लेकित अधिकारी उसका अभी तक उपयोग नहीं कर सके हैं। मंत्री ने अधिकारियों से 30 नवम्बर तक गड्ढा मुक्ति करने के लक्ष्य हासिल करने के लिए तीन शिफ्ट में दिन-रात कार्य करने का निर्देश दिया। बैठक में जन प्रतिनिधियों ने अपने अपने निर्वाचन क्षेत्रों की खास्ताहाल सड़कों तथा घटिया व गुणवत्ताहीन पेच वर्क के बारे में बताया। जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि सड़कों हेतु बजट को आए एक वर्ष से ज्यादा हो गया लेकिन कार्य अभी कहीं 20 प्रतिशत कहीं 30 प्रतिशत ही हुआ है। मंत्री ने जिलाधिकारी से गड्ढा मुक्ति अभियान का भौतिक निरीक्षण कराकर रिपोर्ट प्रेषित करने को कहा। इस बैठक में सेतु निगम के कार्यों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
बैठक में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन, राज्यसभा सदस्य हरिद्वार दुबे, विधायकगण डॉ. जीएस धर्मेंश, चौधरी बाबूलाल, रानी पक्षालिका सिंह, भगवान सिंह कुशवाहा, एमएलसी विजय शिवहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष गिर्राज कुशवाहा, नगर अध्यक्ष भानू महाजन, लोनिवि के चीफ अभियन्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

 

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