‘गलत रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों पर दर्ज हो FIR’, जनता दर्शन में सीएम योगी की सख्त चेतावनी

Lucknow Focus News Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस के अफसरों को चेतावनी दी कि किसी भी मामले का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए।
फर्जी रिपोर्ट लगाने वालों की अब खैर नहीं
जनता दर्शन में कुछ लोगों ने शिकायत की कि उनके मामलों में अधिकारियों ने गलत या भ्रामक जांच रिपोर्ट लगा दी है। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पता लगाएँ कि गलत रिपोर्ट किसने लगाई है और उस संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं।” उन्होंने निर्देश दिए कि अगर किसी स्तर पर जानबूझकर फाइलों को लटकाया जा रहा है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जमीन कब्जाने वालों पर ‘कठोर प्रहार’ के निर्देश
जमीन से जुड़े विवादों और अवैध कब्जों की शिकायतों पर सीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि भू-माफियाओं और दबंगों के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर ऐसी कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने। उन्होंने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है, हर समस्या का प्रभावी समाधान होगा।
इलाज के लिए मिलेगी पूरी मदद
हमेशा की तरह इस बार भी कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए थे। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संबंधित अस्पताल से इलाज का ‘एस्टीमेट’ (खर्च का ब्यौरा) तैयार करवाकर जल्द शासन को भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया जाएगा।
गोसेवा और बच्चों के साथ बिताया समय
अपनी परंपरा को निभाते हुए मुख्यमंत्री ने सुबह गुरु गोरखनाथ और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर की गोशाला में जाकर गायों को गुड़ और चारा खिलाया। जनता दर्शन के दौरान आए छोटे बच्चों को सीएम ने दुलारा, उन्हें चॉकलेट बांटी और मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए।
जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए।
किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया। इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें।
इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।




