माघ मेला: प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच ठनी, आजीवन प्रतिबंध की चेतावनी

Lucknow Focus News Desk: प्रयागराज की पावन संगम रेती पर चल रहे माघ मेले में प्रशासन और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच तकरार अब आर-पार की जंग में बदल गई है। मेला प्रशासन ने स्वामी जी को एक सख्त नोटिस जारी किया है, जिसमें न केवल दी गई सुविधाएं छीनने बल्कि भविष्य में मेले में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है।
‘व्यवस्था बिगाड़ने और बैरियर तोड़ने की कोशिश’
मेला प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में मौनी अमावस्या के दिन हुई एक घटना का जिक्र किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौनी अमावस्या पर जब लाखों की भीड़ संगम पर थी, तब स्वामी जी अपनी बग्घी और समर्थकों के साथ ‘नो व्हीकल जोन’ में घुसने का प्रयास कर रहे थे।
आरोप है कि आपातकालीन स्थिति के लिए आरक्षित पन्टून पुल नंबर 2 पर लगे बैरियर को तोड़कर बग्घी ले जाने की कोशिश की गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी। नोटिस में यह भी लिखा गया है कि स्वामी जी खुद को शंकराचार्य बताते हुए बोर्ड लगा रहे हैं, जबकि प्रशासन के अनुसार उनके इस पद पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय की रोक है, जो कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आता है।
24 घंटे का अल्टीमेटम
प्रशासन ने दो टूक शब्दों में 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी संस्था को आवंटित भूमि और सुविधाएं निरस्त कर दी जाएंगी और उन्हें हमेशा के लिए मेले से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद शंकराचार्य के समर्थकों और भक्तों में भारी गुस्सा है। उनके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा प्रशासन ने पारदर्शिता ताक पर रखकर पांडाल के पीछे पुरानी तारीख में नोटिस चस्पा किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह बदले की भावना से काम कर रही है और संतों को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस का जवाब तैयार है और जल्द ही प्रशासन को सौंप दिया जाएगा।




