महमूदाबाद स्टेडियम से ‘नेताजी’ का नाम हटाने पर बिफरे डॉ. अम्मार रिज़वी, खेल मंत्री को पत्र लिख जताई कड़ी आपत्ति

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनेता डॉ. अम्मार रिज़वी ने सीतापुर के महमूदाबाद स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम का नाम बदले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव को पत्र लिखकर मांग की है कि इस स्टेडियम का नाम पुनः ‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस’ के नाम पर बहाल किया जाए।
इतिहास: 1975 में डॉ. रिज़वी के प्रयासों से बना था स्टेडियम
डॉ. अम्मार रिज़वी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 1975 में, तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नन्दन बहुगुणा के कार्यकाल में, उन्होंने व्यक्तिगत प्रयासों से महमूदाबाद में इस स्टेडियम को स्वीकृत कराया था। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर डॉ. रिज़वी के ही अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस क्रीड़ा स्थल का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी के नाम पर रखने की स्वीकृति दी थी।
“महान विभूति का नाम हटाना कदापि उचित नहीं”
डॉ. रिज़वी ने पत्र में चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि अब इस ऐतिहासिक स्थल का नाम बदलकर केवल ‘स्पोर्ट्स स्टेडियम’ कर दिया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो जगह नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जैसी महान विभूति के नाम समर्पित कर दी गई हो, वहां से उनका नाम हटा देना राष्ट्रीय गौरव का अपमान है और यह कदापि उचित नहीं है।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
डॉ. अम्मार रिज़वी ने खेल मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए कहा कि महमूदाबाद की जनता की भावनाओं और नेताजी के सम्मान को देखते हुए स्टेडियम का नाम पूर्ववत रखा जाए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि स्टेडियम के सामने स्थित डाक बंगले का निर्माण भी उनके प्रयासों से सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था।




