उत्तर प्रदेश

‘नवआरंभ उत्सव’: 25 मार्च को प्रदेश भर के स्कूलों में बालवाटिका नामांकन अभियान

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने और छोटे बच्चों के विद्यालयीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम  बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व और निर्देशन में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में ‘नवआरंभ उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 25 मार्च 2026 को राज्यभर में एक साथ आयोजित होगा।

इस पहल का उद्देश्य 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का बालवाटिका में नामांकन बढ़ाना और प्रारंभिक शिक्षा के प्रति अभिभावकों को जागरूक करना है। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को बालवाटिका की गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा और अभिभावकों को विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।

बता दें कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नीति के अनुसार वर्ष 2030 तक प्रारंभिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा

प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ‘नवारम्भ उत्सव’ का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नौनिहाल को प्रारम्भिक शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को विद्यालयी वातावरण मिले, जिससे उनकी शिक्षा की मजबूत नींव रखी जा सके।

बालवाटिका की गतिविधियों से कराया जाएगा परिचय

विभागीय दस्तावेजों के अनुसार ASER-2024 रिपोर्ट में यह सामने आया है कि 3-4 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 50 प्रतिशत बच्चे अभी भी प्री-स्कूल शिक्षा से बाहर हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान चलाकर बच्चों के नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है। नवआरंभ उत्सव के दौरान विद्यालयों में अभिभावकों को बालवाटिका की गतिविधियों, लर्निंग कॉर्नर, स्टेशनरी, खेल सामग्री और बच्चों के बैठने की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिससे अभिभावकों को बालवाटिका के शैक्षिक वातावरण की झलक मिल सके।

तैयार हुई कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा

नवआरंभ उत्सव के लिए विभाग ने विस्तृत कार्यक्रम तय किया है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम के उद्देश्य और बालवाटिका की अवधारणा पर प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। वहीं प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर चर्चा और बालवाटिका के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। इसके साथ ही कक्षा-1 में प्रवेश के लिए पात्र बच्चों की सूची अभिभावकों को उपलब्ध कराना और क्रियाशील बालवाटिका का प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

विद्यालयों को मिलेगा बजट, प्रारंभिक शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास

नवआरंभ उत्सव के आयोजन के लिए 1592.22 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय को लगभग 3000 रुपये की दर से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस धनराशि से कार्यक्रम के आयोजन, बच्चों के लिए गतिविधियां, बैनर-पोस्टर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। मजबूत प्रारंभिक शिक्षा से ही बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार होती है। इसी दृष्टिकोण से आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, डायट, नोडल शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी और संबंधित सूचनाएं प्रेरणा पोर्टल तथा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से राज्य स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने कहा

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि ‘नवारम्भ उत्सव’ के माध्यम से बालवाटिका और कक्षा-1 में नामांकन को बढ़ावा देने के साथ-साथ अभिभावकों और समुदाय को भी प्रारम्भिक शिक्षा के महत्व से जोड़ा जाएगा, ताकि प्रत्येक बच्चा समय से विद्यालय पहुंचे और सीखने की प्रक्रिया से जुड़ सके। ‘नवआरंभ उत्सव’, छोटे बच्चों के नामांकन और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Also Read: डॉ. दीपक कोहली “विज्ञान प्रसार गौरव अवार्ड–2026” से सम्मानित, विज्ञान को जनसुलभ बनाने के लिए मिला सम्मान

Related Articles

Back to top button