उत्तर प्रदेश

बाराबंकी: सेवानिवृत्त शिक्षकों का जिला सम्मेलन और होली मिलन संपन्न, नोशनल वेतन-वृद्धि और पेंशन मुद्दों पर हुई चर्चा

Lucknow Focus News Desk: बाराबंकी शहर के डीएवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में ‘सेवानिवृत्त माध्यमिक शिक्षक कल्याण एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश’ के तत्वावधान में जिला सम्मेलन एवं होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश भर से आए शिक्षक नेताओं ने रिटायर्ड शिक्षकों की समस्याओं और संगठन की उपलब्धियों पर विचार साझा किए।

प्रमुख अतिथि और उद्घाटन

कार्यक्रम का शुभारंभ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र नाथ मिश्र और कार्यकारी महामंत्री रमेश चंद्र सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष सुरेश चन्द्र बैसवार ने की।

संगठन की उपलब्धियां और भविष्य की रणनीति

जिला सम्मेलन के दौरान जिला मंत्री के.के. शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया:

नोशनल वेतन-वृद्धि: संगठन के प्रयासों से अधिकांश शिक्षकों को नोशनल इंक्रीमेंट और बकाया ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित कराया गया है।

पारिवारिक पेंशन: दिवंगत शिक्षकों की पत्नियों को पारिवारिक पेंशन दिलाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

पेंशन राशिकरण (Commutation): प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र नाथ मिश्र ने पेंशन राशिकरण की वापसी पर उच्च न्यायालय के नवीनतम निर्णयों और सरकारी समिति की प्रगति के बारे में जानकारी दी।

सांस्कृतिक एवं काव्य संध्या

होली के पावन अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संचालन: व्यंग्यकार अनिल श्रीवास्तव ‘लल्लू’ द्वारा।

प्रस्तुतियां: ओज कवि दीपक दिवाकर, गीतकार सोहन आजाद, साहब नारायण शर्मा, सुखद जी और एम.डी. मिश्रा ने श्रृंगार, हास्य-व्यंग्य और होली गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।

होली गायन: नींबू लाल गुप्ता और कृष्ण वर्मा ने पारंपरिक होली गीतों से समां बांधा।

संगठनात्मक निर्णय और श्रद्धांजलि

वर्तमान जिला अध्यक्ष सुरेश चन्द्र बैसवार ने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की, जिसे सदस्यों ने सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया। सदस्यों ने उन्हें नई कार्यकारिणी के गठन और सहयोगी कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का पूर्ण अधिकार सौंपा।

कार्यक्रम के अंत में दिवंगत पदाधिकारियों (कौशल प्रसाद शुक्ल, रामदेव सिंह, राजेन्द्र प्रसाद वर्मा व के डी पांडेय) को दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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